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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदल गई इंसेफ्लाइटिस इलाज की तकनीक

By JagranEdited By:
Published: Sat, 15 Jul 2017 10:38 PM (IST)

गोरखपुर : बीआरडी मेडिकल कालेज परिसर में मौजूद एनआइवी के सभागार में इंसेफ्लाइटिस पर चर्चा करने के बाद

बदल गई इंसेफ्लाइटिस इलाज की तकनीक
बदल गई इंसेफ्लाइटिस इलाज की तकनीक

गोरखपुर : बीआरडी मेडिकल कालेज परिसर में मौजूद एनआइवी के सभागार में इंसेफ्लाइटिस पर चर्चा करने के बाद इंडियन काउंसिल आफ रिसर्च के वैज्ञानिकों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डाक्टरों को इंसेफेलाइटिस के इलाज में बदलाव की जानकारी दी। बैंक रोड स्थित होटल विवेक में आयोजित संगोष्ठी में आसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एमडी गुप्ते ने डाक्टरों को बताया कि एईएस मरीजों में स्क्रब टायफस जीवाणु के लक्षण मिलने के बाद इंसेफ्लाइटिस के इलाज की तकनीक बदल गई है। धीरे-धीरे अब इस रोग की गुत्थी सुलझने लगी है। वह दिन दूर नहीं जब इस रोग का रहस्य पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी राजीव रौतेला, बीआरडी मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्र, डा. निवेदिता गुप्ता आदि मौजूद रहीं।