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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मासूम की मौत के बाद तीमारदारों का हंगामा

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Published: Mon, 07 Nov 2016 01:17 AM (GMT+05:30)

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कालेज के बाल रोग वार्ड में शनिवार की रात इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित एक मासूम की म

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गोरखपुर

बीआरडी मेडिकल कालेज के बाल रोग वार्ड में शनिवार की रात इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित एक मासूम की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि मासूम की तबीयत बिगड़ी तो मौके पर कोई डाक्टर मौजूद नहीं था, इसीलिए बचाया नहीं जा सका।

इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित महानगर के तिवारीपुर निवासी चार वर्षीय शिवांश का इलाज बाल रोग के वार्ड संख्या बारह में चल रहा था। शनिवार की रात करीब ग्यारह बजे मरीज की हालत बिगड़ने लगी। सांस तेज चलने लगी। बच्चे की तड़प देख परिजन परेशान हो गए। स्टाफ को जानकारी दी तो मरीज को सौ बेड के वार्ड में शिफ्ट किया गया। यहां तब दो जूनियर डाक्टरों की ड्यूटी थी, लेकिन दोनों डाक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे। इसी बीच मरीज की मौत हो गई। नाराज परिजनों से हंगामा शुरू कर दिया।

बता दें कि बाल रोग विभाग के वार्डो से डाक्टरों के गायब रहना कोई नई बात नहीं है। इसके पहले भी खुद बाल रोग के विभागाध्यक्ष, यहां तक कि प्राचार्य के निरीक्षण में यह बातें सामने आ चुकी हैं। संबंधित डाक्टरों को चेतावनी दी गई लेकिन कोई सुधार नहीं दिख रहा।

इस बारे में पूछे जाने पर नेहरू अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. एके श्रीवास्तव ने कहा कि घटना की कोई सूचना नहीं है। यदि रात में डाक्टर वार्ड में मौजूद नहीं थे तो यह गंभीर मामला है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, कड़ी कार्रवाई होगी।