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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डेंगू से मौतों की होगी आडिट

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Published: Fri, 28 Oct 2016 02:15 AM (IST)

गोरखपुर : गोरखपुर में डेंगू से मौतों की आडिट कराई जाएगी। महानगर के जिस अस्पताल में मौतें हुई हैं वहा

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गोरखपुर : गोरखपुर में डेंगू से मौतों की आडिट कराई जाएगी। महानगर के जिस अस्पताल में मौतें हुई हैं वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम जाकर जांच करेगी। जिला अस्पताल की पैथालाजी में जांच के दौरान जो भी सेम्पुल पाजिटिव पाए जाएंगे, उनकी मेडिकल कालेज परिसर स्थित नेशनल इंस्टीच्यूट आफ वायरोलॉजी में जांच कराई जाएगी।

इस साल बीआरडी मेडिकल कालेज में डेंगू से हुई सिर्फ तीन मौतों ही स्वास्थ्य विभाग के रेकार्ड में दर्ज हैं। इसके अलावा दूसरे अस्पतालों में भी मौतें हुई हैं। इन्हीं मौतों के कारणों की पड़ताल कराई जाएगी। सीएमओ ने एक बार फिर शहर के सभी सरकारी अस्पतालों, नर्सिग होम व पैथालॉजी सेंटरों से कहा है कि किसी भी मरीज में डेंगू की पुष्टि होने या मौत पर उसकी सूचना सीएमओ कार्यालय में उपलब्ध कराएं।

अब डेंगू की जांच को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत जिला अस्पताल में जांच में जिस सेम्पुल में डेंगू की पुष्टि होगी, उसको दोबारा जांच के लिए नेशनल इंस्टीच्यूट आफ वायरोलॉजी भेजा जाएगा। जिस सेम्पुल की जांच पहले हो चुकी है, यदि वह सुरक्षित रखे होंगे तो उन्हें भी जांच के लिए भेजा जाएगा। सीएमओ डा.रवींद्र कुमार के अनुसार एनआइवी में जांच के दौरान देखा जाएगा कि जांच में मिले डेंगू के वायरस का स्ट्रेन क्या है। इससे पता चलेगा कि डेंगू का सामान्य वायरस है या फिर खतरनाक व जानलेवा।

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इंसेफ्लाइटिस ने ली चार और जानें

इंसेफ्लाइटिस के मरीजों की भर्ती व मौतों का सिलसिला जारी है। बीते चौबीस घंटे में बीआरडी मेडिकल कालेज में 23 नए मरीज भर्ती किए गए जबकि चार अन्य की मौत हो गई। नेहरू अस्पताल में भर्ती 92 मरीजों का इलाज चल रहा है।

जिन चार लोगों की मौत हुई है उनमें कुशीनगर के तेरह साल के चंद्रभूषण, पांच साल चांदनी व चार साल की अनुष्का तथा बिहार के पांच साल के भाष्कर शामिल हैं। भर्ती होने वालों में गोरखपुर के छह, कुशीनगर के आठ, महराजगंज के तीन, देवरिया के दो तथा संतकबीरनगर व बिहार के एक-एक मरीज हैं। इस साल पिछले एक जनवरी से अबतक 1558 मरीज बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती हुए हैं जिनमें से 396 की मौत हुई है।