यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसेफ्लाइटिस से दो मासूमों की मौत, सोलह भर्ती
गोरखपुर: इंसेफ्लाइटिस से पूर्वाचल के मासूमों के मरने का सिलसिला जारी है। अकेले सिर्फ मेडिकल कालेज

गोरखपुर:
इंसेफ्लाइटिस से पूर्वाचल के मासूमों के मरने का सिलसिला जारी है। अकेले सिर्फ मेडिकल कालेज के इंसेफ्लाइटिस वार्ड में चौबीस घंटे में दो और बच्चों की मौत हो गई। दोनों गोरखपुर के थे। इनके नाम हैं शशि (4 साल 6 माह) पुत्री सुशील शाहपुर और रजिया (2 साल 6 माह) पुत्री अब्दुल पिपराइच।
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जनवरी से लेकर अब तक मरने वालों की संख्या 227 तक पहुंची
गोरखपुर: इन मौतों को लेकर वर्ष 2016 की जनवरी से लेकर अब तक भर्ती 940 मरीजों में से 227 की मौत हो चुकी है। इस समयावधि में 16 और मरीज भर्ती हुए। भर्ती होने वालों में से गोरखपुर के 4, कुशीनगर, संतकबीरनगर और बिहार के 2-2 और बस्ती का एक मरीज शामिल हैं।
मौतो का यह आंकड़ा सिर्फ मेडिकल कालेज का है। चार दशक के इलाज के अनुभव और इलाज और जांच की सारी सहूलियतों के बावजूद यहां मौत दर 24 फीसद से अधिक है। इसके मद्देनजर अगर अगर समग्रता में देखें तो मौत दर और मौतों की संख्या इससे कहीं अधिक होगी।
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