यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसेफ्लाइटिस ने ली सात और जानें
गोरखपुर : पूर्वाचल में इंसेफ्लाइटिस के कहर से स्थिति गंभीर होती जा रही है। बीते चौबीस घंटे में सोलह

गोरखपुर : पूर्वाचल में इंसेफ्लाइटिस के कहर से स्थिति गंभीर होती जा रही है। बीते चौबीस घंटे में सोलह नए मरीज भर्ती किए गए जबकि सात अन्य की मौत हो गई। नेहरू अस्पताल में भर्ती 88 मरीजों का इलाज चल रहा है।
जिन सात लोगों की मौत हुई है उनमें गुलरिहा के चार साल के सत्यम, बड़हलगंज के अठारह महीने के हैरम, सहजनवा के चौदह महीने के रणवीर के अलावा रामपुर कारखाना, देवरिया के पांच वर्षीय सर्वेश, महुई देवरिया की एक साल की अंशिका, श्यामदेउरवा महराजगंज की बारह साल की नेहा तथा गोपालगंज बिहार की दो साल की सोनी शामिल हैं। भर्ती होने वालों में गोरखपुर के पांच, देवरिया व संतकबीरनगर के तीन-तीन, महराजगंज व बिहार के दो-दो तथा सिद्धार्थनगर के एक-एक मरीज हैं।
इस साल एक जनवरी से अब तक बीआरडी मेडिकल कालेज में 525 मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 135 की मौत हुई है। लगातार मरीजों की भर्ती व मौतों के बावजूद मरीजों के इलाज में इंतजाम संतोषजनक नहीं हैं। इंसेफ्लाइटिस के इलाज के सबसे बड़े सेंटर बीआरडी मेडिकल कालेज में जहां डाक्टर व दवाओं की कमी बनी हुई है वहीं आइसीयू बेडों की कमी से एक बेड पर दो-दो मरीजों को रखना पड़ रहा है।
