यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसेफ्लाइटिस से पांच और मौतें
गोरखपुर बरसात के साथ पूर्वाचल में इंसेफ्लाइटिस का कहर भी तेज होने लगा है। बीते चौबीस घंटे में बीआर

गोरखपुर
बरसात के साथ पूर्वाचल में इंसेफ्लाइटिस का कहर भी तेज होने लगा है। बीते चौबीस घंटे में बीआरडी मेडिकल कालेज में छह नए भर्ती किए गए, लेकिन इस दौरान पांच अन्य की मौत हो गई। नेहरू अस्पताल में भर्ती 68 मरीजों का इलाज चल रहा है।
जिन पांच लोगों की मौत हुई है उनमें गोरखपुर के पांच साल के हिमांशु तथा दस साल के विपिन, कुशीनगर के तेरह साल के राहुल तथा छह साल की नंदिनी तथा महराजगंज के दो साल के फरमान शामिल हैं। भर्ती होने वालों में कुशीनगर व बिहार के दो-दो तथा गोरखपुर व देवरिया के एक-एक मरीज हैं। इस साल पिछले एक जनवरी से अबतक बीआरडी मेडिकल कालेज में 393 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें से 104 की मौत हुई है।
गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इंसेफ्लाइटिस की इमरजेंसी में एक-एक बेड पर दो-दो मरीज को भर्ती किया जा रहा है। इसी वार्ड के एल केबिन में दिन में एसी खराब होने से दिन भर मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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वार्ड बारह में शिफ्ट हुए मरीज
इंसेफ्लाइटिस के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके, इसलिए उनको एक साथ रखने के लिए कदम उठाया गया है। तीसरी मंजिल पर स्थित बाल रोग के वार्ड संख्या छह में भर्ती मरीजों को एपेडमिक वार्ड संख्या बारह में शिफ्ट कर दिया गया है। चूंकि यह वार्ड सौ बेड के वार्ड के ठीक बगल में हैं, ऐसे में अधिकारियों का मानना है कि एक साथ मरीजों को भर्ती करने में इलाज आसान होगा।
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