यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दवा बिना तड़पता रहा इंसेफ्लाइटिस का मरीज
जागरण संवाददाता, गोरखपुर इंसेफ्लाइटिस के मरीजों के मुफ्त इलाज के आदेश का मेडिकल कालेज में मखौल उड़ा

जागरण संवाददाता, गोरखपुर
इंसेफ्लाइटिस के मरीजों के मुफ्त इलाज के आदेश का मेडिकल कालेज में मखौल उड़ाया जा रहा है। यहां तक कि गरीब मरीजों को असाध्य रोग के इलाज के लिए मिले धन से इलाज का आदेश भी यहां दरकिनार कर दिया गया है। सौ बेड के वार्ड में भर्ती मरीज के साथ ऐसा ही हुआ। वह सोमवार की पूरी रात व मंगलवार को दोपहर बाद तक तड़पता रहा, लेकिन उसे डाक्टरों द्वारा लिखी दवा नहीं मिली।
कुशीनगर का औराही निवासी बबलू इस महीने की छह तारीख से ही सौ बेड के वार्ड में भर्ती हैं। इंसेफ्लाइटिस के चलते उसकी हालत गंभीर है। सोमवार की रात संक्रमण के चलते स्थिति नाजुक होने पर डाक्टरों ने उसे इंजेक्शन मेरोपेनम लिखा। मरीज के पिता बनवारी इंजेक्शन के लिए दौड़ते रहे, लेकिन नहीं मिला। जब वह वार्ड संख्या सौ स्थित दवा स्टोर पर गए, तो वहां बताया गया कि दवा नहीं है। नियमानुसार बीपीएल कार्डधारक मरीजों के लिए सरकार का साफ निर्देश है कि इनकी हर हाल में दवा अस्पताल की तरफ से दी जाए। यदि स्टोर में उपलब्ध नहीं है, तो उसे बाजार से खरीद कर तत्काल दिया जाए, लेकिन इस न सिर्फ इस आदेश को दरकिनार कर दिया गया, बल्कि मरीज की जान भी खतरे में डाल दी गई। पूरी रात तो मरीज तड़पता ही रहा, लापरवाही का आलम यह रहा कि मंगलवार को दोपहर बाद तक किसी ने उसकी सुधि नहीं ली। यह तब कि जब मौत से लड़ रहे मासूम की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
