यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब भी इंसेफ्लाइटिस दवाओं की किल्लत
जागरण संवाददाता, गोरखपुर : जिलाधिकारी द्वारा पिछले दिनों इंसेफ्लाइटिस के मरीजों को हर हाल में दवा

जागरण संवाददाता, गोरखपुर :
जिलाधिकारी द्वारा पिछले दिनों इंसेफ्लाइटिस के मरीजों को हर हाल में दवा उपलब्ध कराने के आदेश पर भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। अब भी कई दवाएं आउट आफ स्टाक हैं।
विभिन्न साइज की सि¨रज, एडरनलीन इंजेक्शन, डोपा, लैसिक्स जैसी कई दवाएं अस्पताल में मौजूद नहीं है। इंसेफ्लाइटिस के मरीजों को यह दवाएं बाहर से लेनी पड़ रही हैं। हाल में जिलाधिकारी के दौरे के समय इंसेफ्लाइटिस के मरीजों ने उनसे दवा न मिलने की शिकायत की थी। उस समय इंसेफ्लाइटिस वार्ड के प्रभारी डा. पीएन श्रीवास्तव डा. पीएन श्रीवास्तव ने मरीजों की बातों का समर्थन करते हुए कहा था कि जब दवाएं हैं नहीं तो मरीजों को कैसे दी जाएं। इसको लेकर जिलाधिकारी ने प्राचार्य ने दवाओं का विवरण तलब किया था। उधर दवाओं का सच सामने आने के बाद प्राचार्य ने डा. पीएन श्रीवास्तव को इंसेफ्लाइटिस वार्ड से हटाते हुए उनकी जगह डा. एसके श्रीवास्तव को वार्ड का प्रभारी बना दिया था। इसके बाद मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाया गए थे पर अब भी कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। --------------
एक जगह भर्ती होंगे इंसेफ्लाइटिस के मरीज
ब आरडी मेडिकल कालेज प्रशासन नई व्यवस्था बनाने जा रहा है। इसके तहत अब इंसेफ्लाइटिस के मरीजों के एक वार्ड में भर्ती किया जाएगा। सौ बेड के वार्ड जहां यह मरीज भर्ती किए जाएंगे अब वहीं पर दवाओं व जांच की व्यवस्था होगी। वार्ड संख्या चौदह का वायरल स्टोर अब सौ बेड के वार्ड में शिफ्ट होगा और चौबीस घंटे खुलेगा। प्राचार्य डा. आरपी शर्मा ने कहा कि अब दूर-दराज से आने वाले इंसेफ्लाइटिस के मरीजों को इलाज कराने में परेशानी न हो इसके लिए वार्ड संख्या बारह में बनी इमरजेंसी में पहुंचने के लिए जगह-जगह बोर्ड लगवाए जाएंगे। दवाओं की उपलब्धता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इंसेफ्लाइटिस के मरीजों को सभी दवाएं दी जा रही है। वह खुद इसकी मानीट¨रग कर रहे हैं।
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सभी विभागों की इमरजेंसी अब एक साथ
अब मेडिकल कालेज के विभिन्न विभागों की इमरजेंसी एक ही जगह होगी। सर्जरी, मेडिसिन, हड्डी रोग आदि सभी विभाग की इमजरेंसी अब ट्रामा सेंटर में बनेगी। प्राचार्य डा. आरपी शर्मा के अनुसार यह काम लगभग दस दिन में कर लिया जाएगा। इसका मकसद हैं कि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। -----------
