यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दो और मरीजों में जापानी इंसेफ्लाइटिस की पुष्टि
जागरण संवाददाता, गोरखपुर : सीजन से काफी पहले एक के बाद एक पांच मरीजों में खतरनाक जापानी इंसेफ्लाइट

जागरण संवाददाता, गोरखपुर :
सीजन से काफी पहले एक के बाद एक पांच मरीजों में खतरनाक जापानी इंसेफ्लाइटिस की पुष्टि ने परेशानी बढ़ा दी है। अभी मार्च में तीन मरीजों में जेई की पुष्टि से अफसर परेशान थे कि मंगलवार को इस फेहरिश्त में दो नाम और जुड़ गए।
दोनों मरीज बीआरडी मेडिकल कालेज में 25 मार्च को भर्ती कराए गए थे। जांच में दोनों में जापानी इंसेफ्लाइटिस की पुष्टि हुई। इनमें से एक मरीज भागलपुर, देवरिया के अभयनंदन हैं जबकि दूसरी भोरे गोपालगंज, बिहार की 18 वर्षीय नूर हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षो से जलजनित इंसेफ्लाइटिस के मरीजों के आने का सिलसिला तो पूरे साल चलता है पर मच्छरों के काटने से होने वाले जापानी इंसेफ्लाइटिस के मरीज आमतौर पर जून में बरसात शुरू होने के बाद आते हैं। इस बार मार्च में ही इतनी बड़ी तादाद में मरीज आने को विशेषज्ञ भी पूर्वाचल के लिए खतरे की घंटी मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि मरीज इसी तरह बढ़ते रहे और बीमारी के नियंत्रण के कारगर उपाय नहीं किए गए तो बरसात में स्थिति बिगड़ सकती है।
