यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसेफ्लाइटिस से चौबीस घंटे में सात मौतें

जागरण संवाददाता, गोरखपुर
पूर्वाचल में इंसेफ्लाइटिस के कहर से स्थिति गंभीर होती जा रही है। बीते चौबीस घंटे में बीआरडी मेडिकल कालेज में ग्यारह नए मरीज भर्ती किए गए जबकि सात अन्य की मौत हो गई। नेहरू अस्पताल में विभिन्न वार्डो में भर्ती 77 मरीजों का इलाज चल रहा है।
जिन सात लोगों की मौत हुई है उनमें गोरखपुर के आठ वर्षीय प्रमोद व आठ साल के सत्यम, महराजगंज के बारह साल के दुर्गेश, देवरिया के दस साल के सूरज, बलरामपुर के पांच वर्षीय विशाल तथा बिहार की पंद्रह वर्षीय दुर्गा कुमारी तथा नौ साल के मूच बिहारी शामिल हैं।
भर्ती होने वालों में गोरखपुर व कुशीनगर के चार-चार तथा सिद्धार्थनगर, देवरिया व बिहार के एक-एक मरीज हैं। इस साल पिछले एक जनवरी से अब तक गोरखपुर मेडिकल कालेज में 450 मरीज भर्ती हो चुके हैं जिनमें से 144 की मौत हुई है।
इंसेफ्लाइटिस के कहर की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते एक हफ्ते में 75 मरीज सिर्फ बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती हो चुके हैं जबकि सोलह की मौत हो गई है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों की भर्ती से नेहरू अस्पताल के वार्डो में मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है। इस समय यह संख्या 77 तक पहुंच गई है। यदि मरीजों की भर्ती की रफ्तार यही रही तो जल्द ही हर साल की तरह यहां बेडों व स्टाफ की कमी हो सकती है। वजह यह है कि इस साल खासतौर पर इंसेफ्लाइटिस के मरीजों के बने अत्याधुनिक वार्ड में भी गंभीर मरीजों की भर्ती संभव नहीं है। यहां डाक्टरों व अन्य स्टाफ की तैनाती भी नहीं हो पाई है।
