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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पानी में डूबी सड़कें, घरों से निकलना मुश्किल

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Published: Sun, 22 Jun 2014 12:57 AM (GMT+05:30)

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जागरण संवाददाता, गोरखपुर: बरसात का अभी पूरा सीजन बाकी है, लेकिन मामूली बारिश में ही नगर के रेलवे लाइन के उत्तर और हाइवे के दक्षिण के मोहल्लों में व्यापक जलजमाव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं तो जनप्रतिनिधियों को भी लोगों के दुख-दर्द से कोई सरोकार नहीं है।

महानगर के दर्जनों मोहल्लों में लोग गत दिनों हुई मामूली बारिश के दिन से ही भारी जलजमाव झेल रहे हैं। कोई भी अधिकारी, जनप्रतिनिधि रुस्तमपुर आजाद चौक और गोरखनाथ क्षेत्र के पचपेड़वा राम नगर कालोनी को जाकर देख ले। निश्चित ही चार पहिया वाहन पर बैठे रहने के बाद भी हिम्मत हार जाएगी और आधे रास्ते से ही लौट आएंगे।

रुस्तमपुर आजाद चौक से चिलमापुर, भरवलिया जाने वाला मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। कदम-कदम पर गढ्डे हैं और उसमें बारिश से लेकर नाली के पानी भरे हैं। नाले की खुदाई के दौरान निकली मिट्टी बारिश होने के बाद दलदल का रूप ले चुकी है। आते-जाते लोगों के वाहन फंस जा रहे हैं। नाला निर्माण पूरा नहीं हो सका है और अभी सड़क बनायी जानी बाकी है। यहीं से साकेत नगर होते हुए बगहा बीर बाबा मार्ग को जोड़ने वाली सड़क और नाली भी पूरी तरह टूटी हुई है। इस मार्ग पर भी जगह-जगह जलजमाव है।

शिव नगर कालोनी में भी लोगों के घरों के सामने कीचड़युक्त जलजमाव बना है, सुबह के समय बारिश के पानी के साथ नालियों का कीचड़ भी घरों में घुस गया। बेतियाहाता दक्षिणी कालोनी में भी मैरेज हाउस रोड पर भारी जलजमाव है।

उधर रेलवे लाइन के उत्तर हुमायूंपुर उत्तर, गोरखनाथ पचपेड़वा आजाद नगर सेक्टर चार मीरजापुर में जलजमाव की वजह से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल है। गंदे पानी के बीच से होकर आने-जाने से लोगों को त्वचा रोग भी हो रहा है। ममता सोनकर ने अपना पैर दिखाते हुए कहा कि यह जलजमाव का नतीजा है।