विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उल्टी-दस्त का कहर, तेजी से बढ़ रहे मरीज

By Edited By:
Published: Tue, 29 Apr 2014 01:41 AM (GMT+05:30)

News Article Hero Image

जागरण संवाददाता, गोरखपुर : यदि आप बाहर ठेले पर चाट, पकौड़ी, इडली-डोसा, छोला-भटूरा खा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। आपको स्वाद तो जरूर मिल रहा है, लेकिन आप जहर ले रहे हैं। जिला संक्रामक रोग अस्पताल आने वाले वही मरीज ज्यादा हैं जो एक दिन पहले या कुछ देर पहले ठेले पर बिकने वाले चाट-पकौड़ी आदि खाए हैं। प्रभारी चिकित्सक डा. एसके सिंह के पूछने पर मरीज यही जबाब दे रहे हैं। किंचित ही कोई कहता है सादा भोजन किया था।

भीषण गर्मी है खान-पान में पूरी सावधानी रखें वरना संक्रामक बीमारी चपेट में लेते देर नहीं लगाएगी। जिला संक्रामक रोग अस्पताल में ही इस माह अब तक 175 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं, हालांकि इलाज दो सौ से अधिक का हुआ। पिछले दो दिनों में यहां दो दर्जन मरीज आए। सोमवार को यहां श्रृंजय कुमार, नीलम सिंह, गुलफना, शमीला, अजमातुन, सत्यनारायन गुप्ता समेत आठ लोगों का इलाज किया गया।

सबसे बड़ी बात यह है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों में महिलाओं की संख्या 80 फीसद है। पिछले एक सप्ताह में ही संक्रामक रोग अस्पताल में उल्टी-दस्त के 67 मरीज भर्ती हुए, जिसमें महिलाओं की संख्या 47 है। इसका कारण महिलाओं का बाजार में खुले में रखकर बेचे जा रहे खाद्य पदार्थो का सेवन करना है। यह सही भी है कि सड़कों के किनारे बिकने वाले चाट-पकौड़ी, गोलगप्पे वगैरह भले ही जीभ को स्वादिष्ट लगें लेकिन महानगर की ध्वस्त सफाई व्यवस्था के कारण वह खाने लायक नहीं हैं। नाले-नालियों से निकाल रखे गए सिल्ट निस्तारण में लापरवाही के कारण सूखकर धूल के रूप में उड़कर उन पर पड़ रहे हैं और पूरी तरह दूषित हो जा रहे हैं।

--

एक सप्ताह में भर्ती मरीजों की संख्या

21 अप्रैल- 08

22 अप्रैल- 08

23 अप्रैल- 06

24 अप्रैल- 05

25 अप्रैल- 06

26 अप्रैल- 07

27 अप्रैल- 11

---

मरीजों का हो रहा समुचित इलाज: डा. एसके सिंह

इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. एसके सिंह ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों का समुचित इलाज किया जा रहा है, दवाओं की भी कोई कमी नहीं है। खान-पान में सावधानी बरत कर इससे बचा जा सकता है।