यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मरीजों की बढ़ी भीड़, गहराया इलाज पर संकट

हेमन्त पाठक, गोरखपुर : मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस के मरीजों की बढ़ रही भीड़ व लगातार हो रही मौतों के बीच इलाज ठप होने की नौबत आ गई है। नेहरू अस्पताल का वार्ड बारह मरीजों से पटा पड़ा है। वहां तैनात 164 डाक्टरों, नर्स व कर्मचारियों ने पिछले तीन महीने से वेतन न मिलने के विरोध में काम ठप करने की चेतावनी दी है। हद तो यह कि जब केंद्र से उनके वेतन के लिए धन मांगा गया तो पूछा गया कि पहले इन डाक्टर-कर्मचारियों की उपयोगिता बताएं।
नेहरू अस्पताल के वार्ड संख्या बारह का हाल यह है कि यहां पहले से मौजूद 54 बेडों के अलावा छह बेड अलग से रखे गए हैं। कई बेडों पर दो-दो मरीज हैं। इनमें से सोलह तो बेहद नाजुक स्थिति में हैं, जिन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। उनके इलाज के लिए वार्ड में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत 22 डाक्टर, 52 स्टाफ नर्सो के साथ नर्सिग असिस्टेंट, आया, सफाई कर्मचारियों को मिलाकर 164 कर्मचारी तैनात हैं। केंद्र से मिले बजट से उन्हें इस साल अप्रैल तक वेतन मिला, पर इसके बाद बजट खत्म हो गया। पहले तो अधिकारियों से मिले आश्वासन पर इन्होंने काम किया पर अब आर्थिक संकट खड़ा होने से इन धैर्य जवाब देने लगा। नाराज कर्मचारियों ने प्राचार्य डा. केपी कुशवाहा से मिलकर साफ कह दिया कि वेतन के अभाव में काम करना संभव नहीं हैं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो काम ठप कर देंगे।
इंसेफेलाइटिस के मरीजों की लगातार बढ़ रही भीड़ के बीच डाक्टरों-कर्मचारियों की चेतावनी से कालेज प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। उधर कालेज की तरफ से इन लोगों के वेतन के लिए मांगे गए चार करोड़ चौदह लाख का बजट भी फिलहाल मिलने की संभावना नहीं दिख रही। बताया जाता है कि कालेज की तरफ से इस संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया। राज्य सरकार ने इसे केंद्र को भेजा। केंद्र ने वेतन के लिए बजट देने के बजाय आश्चर्यजनक रूप से यह पूछा कि पहले इन डाक्टर-कर्मचारियों की उपयोगिता बताएं। यह भी पूछा कि इसके पहले दिए गए बजट का क्या हुआ। हालांकि कालेज प्रशासन ने केंद्र के इस सवाल का जवाब भेज दिया है जिसमें कहा गया है कि वार्ड संख्या बारह में मरीजों का इलाज इन्हीं डाक्टरों व कर्मचारियों पर निर्भर है। इनकी तैनाती व वार्ड के बनने के बाद मरीजों को होने वाली दिक्कतें कम हुई हैं। पहले जहां एक बेड पर चार या अधिक मरीज रखने पड़ते थे वहीं अब एक या दो रखने पड़ रहे हैं।
इधर मेडिकल कालेज में स्थिति यह है कि यहां पिछले मरीजों की तादाद हाल के दिनों में तेजी से बढ़ी है। सिर्फ दस दिनों में जहां 114 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं वहीं 27 की मौत हो चुकी है।
-------------------
ऐसे बढ़े मरीज
तिथि भर्ती मौत
30 जुलाई 8 1
31 जुलाई 15 2
1 अगस्त 14 1
2 अगस्त 12 3
3 अगस्त 8 1
4-5 अगस्त 22 12
6 अगस्त 9 3
7 अगस्त 8 2
8 अगस्त 18 2
----------------
वेतन नहीं मिलने से वार्ड संख्या बारह में तैनात 164 डाक्टर-कर्मचारियों ने काम ठप करने की चेतावनी दी है। इसके वेतन के लिए केंद्र के पास 4 करोड़ 14 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा दवा के लिए भी प्रस्ताव गया है।
डा. केपी कुशवाहा, प्राचार्य
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर
