यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नवजात समेत दो की मौत, डाक्टर गायब, मरीज हलकान
गोंडा: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की कोशिशों के बाद भी सूरतेहाल ज्यों के त्यों बने हुए है। न तो बीमा

गोंडा: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की कोशिशों के बाद भी सूरतेहाल ज्यों के त्यों बने हुए है। न तो बीमारियों पर रोकथाम लग पा रही है, न ही सेहत को सुधारने का कोई कारगर प्रयास हो रहा है। धानेपुर के देवरदा गांव में एक चार वर्षीय बालक की उल्टी दस्त से मौत हो गई, यहां पर आधा दर्जन लोग बीमार हैं। वहीं पर जिला अस्पताल में इंफेक्शन के कारण दो दिन के शिशु की मौत हो गई। जिला अस्पताल में 13 मरीज बुखार व डायरिया से प्रभावित भर्ती हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। इधर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर में इलाज कराने आये मरीजों को जब डाक्टर नहीं मिले, तो उन्होंने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। पेश है एक रिपोर्ट-
इंफेक्शन से गई जान
- जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराये गये परसपुर कस्बे के सुभान अली के दो दिन के नवजात शिशु की मौत हो गई। उसे यहां पर सांस लेने में दिक्कत के कारण भर्ती कराया गया था। जिसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वैसे यहां पर 13 अन्य मरीज भर्ती कराये गये है, जिसमें से कुछ बुखार से प्रभावित है, तो कुछ डायरिया की गिरफ्त में है। जिला अस्पताल के चिकित्सक बीमार बच्चों का इलाज करने का दावा कर रहे हैं।
उल्टी दस्त से मौत
- धानेपुर संवादसूत्र के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना के देवरदा के इंद्रापारा मजरा निवासी मंगल प्रसाद के चार वर्षीय पुत्र ओंकार की मंगलवार की रात को उल्टी दस्त से मौत हो गई। यहां पर रामदेव, ईश्वर शरन, कल्लू, बड़का, कृष्ण कुमार, पंडित सहित आधा दर्जन लोग बीमार है। बुधवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीमार लोगों का उपचार किया। टीम ने लोगों के रक्त के नमूने भी लिये। स्वास्थ्य टीम सीएमओ के निर्देश के बाद गांव पहुंची, जिला कंट्रोल सेल के मुताबिक गांव में स्थिति सामान्य है।
डाक्टर बने परेशानी का सबब
- बेलसर : सीएचसी में एक एमबीबीएस व दो आयुष चिकित्सक सहित दो फार्मासिस्ट, दो लैब टेक्निीशियन, एक सहायक दंत चिकित्सक, एक नेत्र सहायक चिकित्सक की तैनाती है। क्षेत्र के करीब दो लाख लोगों के इलाज का जिम्मा इन्हीं के भरोसे है। बावजूद इसके समय से चिकित्सकों के न आने के कारण मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। बेलसर निवासी विद्यावती (70) जो आंख दिखाने आई थी, वह दोपहर तक इंतजार करने के बाद वापस लौट गई। थानपुरवा निवासी रेनू ने बताया कि दो दिन से चिकित्सक के इंतजार में दोपहर तक बैठी रही लेकिन चिकित्सक के न आने से इलाज नहीं हो पाया। उदवतनगर निवासी बिंदू ने बताया कि कान का इलाज कराने के लिए दो दिनों से लगातार चक्कर काट रहीं हूं, बुधवार को फार्मासिस्ट से मजबूरी वश इलाज करवाना पड़ा। राम प्रसाद निवासी निहालपुर ने बताया कि शरीर में दर्द व बुखार का इलाज कराने के लिए स्थानीय सीएचसी पहुंचा तो वहां पर्चा काटने वाला ही कोई नहीं था। देवरदा निवासी रमजनी ने बताया कि बच्चे को दाना निकल आया है, जिसका इलाज कराने के लिए दो दिन से अस्पताल का चक्कर लगा रहा हूं, चिकित्सक के न आने से बच्चे का इलाज नहीं हो पा रहा है।
होगी कार्रवाई
'' अगर डाक्टर समय से सीएचसी में नहीं पहुंच रहे हैं, तो गंभीर मामला है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जायेगी। मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब कर कार्रवाई की जाएगी। ''
- डॉ. जेपी गुप्त, सीएमओ गोंडा
