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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रचंड ठंड हुई बेरहम, तीन की निकली जान

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Published: Mon, 07 Jan 2013 08:02 PM (IST)Updated: Mon, 07 Jan 2013 08:03 PM (IST)

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गाजीपुर : कुछ दिनों से पड़ रही प्रचंड ठंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंड के बेरहम रुख से तीन लोगों की जान निकल गई। आलम यह कि सोमवार को भी लोग बर्फीली हवाओं से पनाह मांगते दिखे। शीत भरे थपेड़ों ने कईयों को अस्पताल पहुंचा दिया। अधिकतर लोग घरों में ही दुबके रहे। सबसे अधिक परेशानी बच्चों व बुजुर्गो को हुई। जानवरों को ठंड से बचाने के लिए पालक हर जुगत करते दिखे।

लहू जमा देने वाली इस ठंड ने सबको कंपकंपा दिया। सुबह तड़के घने कोहरे की चादर छाई रही। वाहन रेंगते नजर आए। दिन में भी हेडलाइट जलाकर लोग वाहन चलाते देखे गए। बाजार में आम दिनों की अपेक्षा भीड़ कम रही। पीजी कॉलेज वेधशाला के उप प्रेक्षक मदन गोपाल दत्त ने बताया कि न्यनतम दो तथा अधिकतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

सादात के खजुरा के कांग्रेसी नेता लक्ष्मीकांत (70) की ठंड से मृत्यु हो गई। वहीं जखनियां के सदरजहांपुर के गुलाबी देवी (52) की पूर्वाह्न ठंड से मृत्यु हो गई। सुहवल के खजुहां की उमरावती देवी (36) पत्नी सर्वदेव यादव की ठंड लगने से मौत हो गई। सैदपुर : ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लोग अलाव तापने के लिए टायर, प्लास्टिक कुछ भी जला रहे हैं। हाड़कंपाऊ ठंड से बचने की फिराक में लोग प्रदूषण की परवाह नहीं कर रहे हैं।

100 कंबल बांटे

सुहवल : समाजसेवी व पकड़ी के पूर्व प्रधान पंकज यादव ने ठंड से ठिठुरते हुए गरीबों को व असहाय लोगों को 100 कंबल बांटे। इस मौके पर दिनेश यादव, विशेश्वर, शैलेंद्र, राधेश्याम, अक्षयबर, परमानंद पांडेय, शिवमंगल राय आदि उपस्थित थे।

नहीं जले अलाव, न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता

मुहम्मदाबाद में कड़ाके की ठंड से आम जन पूरी तरह से बेहाल हैं। प्रशासन की उदासीनता के चलते अलाव की व्यवस्था न होने पर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ताओं ने कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रशासन की ओर से अलाव न जलाए जाने की निंदा की। कहा कि अलाव की व्यवस्था न होने से दूरदराज से आने वाले वादकारियों को काफी परेशानी हो रही है। कहा कि अगर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई तो आगे भी इस तरह का निर्णय लेना पड़ेगा। बैठक की अध्यक्षता शिवकुमार राय व संचालन आलोक कुमार राय ने किया।

बहरियाबाद : कड़ाके की ठंड की बावजूद प्रशासन की तरफ से अलाव की व्यवस्था नहीं होने से नागरिक परेशान हैं। बाराचवर : स्थानीय चट्टी बाराचवर के अलावा कामूपुर, सिउरी अमहट, ढोटारी, जहूराबाद, माटा आदि में कहीं भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि बरेसर के ग्राम प्रधान ने सब्जी मंडी के पास अलाव की व्यवस्था कराई है लेकिन अन्य गांवों में लोग ठंड से कांप रहे हैं।

जल रहे हैं अलाव

सदर तहसीलदार उमेश चंद्र ने बताया कि ठंड को देखते हुए प्रशासन की ओर से नगर में नौ स्थानों पर अलाव जल रहे हैं। इसके अलावा जंगीपुर, करंडा, बिरनो, मटेहूं, सोहराब बाबा के यहां अलाव की व्यवस्था की गई है। भांवरकोल : पाताल गंगा मंडी में प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई। भांवरकोल चट्टी, बसनियां आदि जगहों पर भी अलाव की व्यवस्था की गई है। करीमुद्दीनपुर : बैंक ऑफ इंडिया लट्ठूडीह, यूनियन बैंक आफ इंडिया की ओर से शाखा परिसर के बाहर बैंक ग्राहकों के लिए अलाव की व्यवस्था की गई। इससे बैंक पहुंचने वाले ग्राहकों को काफी राहत है।

बुजुर्गो के लिए ठंड बनी आफत

'लईकन के छुअब ना, जवनवा लगिहन भाई, बुढ़वन के छोड़ब नाहीं, चाहे केतनों ओढि़हन रजाई।' यह कहावत इन दिनों श्मशान घाट पर देखने को मिल रही है। प्रतिदिन श्मशान पर 55-60 लाशों के आने का क्रम लगा है। नगर के श्मशान घाट पर जहां 25-30, वहीं ग्रामीण घाट पर 30-35 शव जलाए जा रहे हैं। सामान्य मौसम में 30-35 की संख्या में लाशें घाट पर आती हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या बुजुर्गो की है। लाशों के आने के क्रम में लकड़ी का भाव भी बढ़ गया है। श्मशान घाट के डोमराज डब्लू ने बताया कि घाट पर नगर के लोग लाश लेकर आते हैं। तीन-चार दिनों से 25-30 लाशें आ रही हैं। जबकि बगल के रमेश के घाट पर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अधिक आते हैं। वहां का औसत 35 है। अधिकांश लोग जल प्रवाह ही कर दे रहे हैं। जलाने वाले स्वयं लकड़ी का इंतजाम करते हैं। जो लाशें श्मशान घाट पर आ रही हैं, उनमें वृद्ध अधिक हैं।

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