यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जोया गांव में रहस्यमय बुखार का प्रकोप

संवाद सहयोगी, मोदीनगर : भोजपुर ब्लाक के गांव जोया में रहस्यमय बुखार की चपेट में आने से एक सप्ताह के भीतर एक ही परिवार की तीन पुत्रियों समेत पांच लोग मौत का शिकार हो चुके हैं और दर्जनभर लोग अस्पताल में भर्ती हैं। ग्रामीणों में भय का आलम यह है कि लोग गांव से पलायन करने को मजबूर हो गए है। रिश्तेदारियों में लोगों ने आना- जाना तक छोड़ दिया है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी गांव का दौरा किया।
गांव जोया निवासी सुंदर की छह वर्षीया पुत्री कक्षा एक में पढ़ने वाली तनिशा जब एक अगस्त को स्कूल गई थी, तो उसकी अचानक तबियत बिगड़ गई। उल्टी दस्त होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हुई। उसके बाद से शुरू हुआ यह सिलसिला थमा ही नहीं। रहस्यमय बुखार की चपेट में आकर इसी परिवार की दो छोटी जुड़वा बच्चियां करिश्मा व सोनिया (2) की भी दो दिन पूर्व मौत हो गई। मंगलवार को गांव के ही बबलू की तीन वर्षीय पुत्री राधिका भी इसी बीमारी की चपेट में आकर मौत का शिकार हो गई। बुधवार को उसके दादा कटार सिंह की भी रहस्यमय बीमारी से मौत हो गई। बुखार की चपेट में आने से हुई पांच मौतों को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल है। गांव के प्रधान सुरेंद्र ने बताया कि पहले उल्टी व दस्त के लोग शिकार हो रहे हैं। उसके बाद बुखार की चपेट में आकर मौतें हो रही है। ग्रामीण इतने भयभीत हैं कि यदि उन्हें मौसम की मार के चलते खांसी -जुकाम की बीमारी घेर ले रही है तब भी वह चिकित्सकों के यहां इलाज को दौड़ रहे हैं। इस रहस्यमय बुखार से हुई मौत पर स्वास्थ्य विभाग अनभिज्ञ था।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोजपुर के प्रभारी डॉ. राजेश ग्रामीणों की शिकायत पर टीम के साथ पहुंचे और मुआयना किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ बीमार लोगों के ब्लड के सैंपल लिए हैं और जांच कराई जा रही है।
