यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संत नगर में डायरिया, एक की मौत

जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद : सफाई के इतने दावों के बीच संत नगर में फिर से डायरिया ने पैर पसार लिए हैं। एक आठ माह की बच्ची की मौत एवं दिल्ली में उसकी मां की मौत के बाद में जब मुहल्ले में कई बच्चों के बीमार होने की खबर फैली तो लोगों में रोष फैल गया। खबर मिलने पर देर रात ही नगर निगम की टीम के साथ में स्वास्थ्य महकमे की टीम मुहल्ले में पहुंची। देर रात तक पीड़ित बच्चों को दवा देने के साथ में मुहल्ले में क्लोरीन की गोली वितरित करने का क्रम भी जारी था।
चंद्रवार गेट के निकट स्थित मुहल्ला संत नगर निवासी राजू की आठ माह की बेटी नंदनी एवं उसकी पत्नी रचना पिछले दिनों बीमार हो गई। नंदनी की मौत हो गई तो परिजन रचना को उपचार के लिए आगरा एवं वहां से दिल्ली ले गए, लेकिन दिल्ली में उपचार के दौरान रचना ने भी दम तोड़ दिया। इधर मुहल्ले में कई अन्य बच्चों को भी उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। अवधेश पुत्र संजय, आर्यन पुत्र रविंद्र, कोमल पुत्री राजेश, मुस्कान पुत्री हीरालाल, अंशुल एवं मनीष पुत्र गुड्डू, वर्षा पुत्री मुन्नालाल को उल्टी दस्त होने से लोग परेशान हो गए। लोगों ने आस- पास के डॉक्टरों को दिखाया। इधर जब नंदनी का शव मुहल्ले में आया तो लोगों की नजरों में कुछ वर्ष पहले का मंजर तैर उठा। जब डायरिया से क्षेत्र में कई मौतें हुई थी।
क्षेत्र में डायरिया की खबर फैलते ही लोग एकत्रित हो गए। देर रात में खबर नगर निगम को मिली तो डा.महाराज सिंह के साथ में सुपरवाइजर व अन्य लोग मुहल्ले में पहुंचे। इन्होने मुहल्ले में क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया। इस बात की सीएमओ डा.एनएल यादव को मिली तो उन्होने भी रात में साढ़े आठ बजे करीब डा. पवन कुमार के निर्देशन में एक टीम संत नगर के लिए रवाना की। देर रात तक पीड़ितों को दवा देने तथा मुहल्ले में क्लोरीन की गोली वितरण का कार्य जारी था।
अफसर कहिन
दिल्ली में हुई हैं मौत :
''संत नगर में डायरिया की जानकारी मिली है। हमने अपनी टीम को वहां पर भेजा है। महिला एवं बच्ची की मौत दिल्ली में हुई है, इसके बाद भी हम जानकारी कर रहे हैं। पहला प्रयास पीड़ितों को उपचार देने का है।''
-डा.एनएल यादव
मुख्य चिकित्साधिकारी।
संत नगर में पहले भी फैला है डायरिया
संत नगर में पहली बार डायरिया नहीं फैला है। करीब पांच-छह वर्ष पूर्व भी यहां पर डायरिया फैला था, जब डायरिया से कई बच्चे बीमार हुए थे। उस वक्त कुछ लोगों की मौत भी हुई थी। इसके बाद भी कई बार क्षेत्र में डायरिया फैल चुका है। क्षेत्रीयजनों की माने तो कुछ केस तो हर वर्ष ही सामने आते हैं।
गंदे पानी पर जताया गुस्सा
नगर निगम की टीम पहुंचने पर लोगों का गुस्सा भी फूटा। उन्होने क्षेत्र में गंदा पानी आने की शिकायत करते हुए कहा नगर निगम का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि डायरिया फैलने की वजह क्या रही है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं नगर निगम की टीम की जांच के बाद में चलेगी, लेकिन पिछली बार जब डायरिया यहां कई मौतों का सबब बना था, उस वक्त इसके पीछे पानी की ही शिकायत आई थी। ऐसे में लोग बीमारी के लिए नगर निगम की व्यवस्थाओं को कोसते हुए नजर आए।
