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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खुरपका रोग से दर्जनों पशुओं की मौत

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Published: Sat, 19 Oct 2013 09:21 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 19 Oct 2013 09:22 PM (GMT+05:30)

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फीरोजाबाद (टूंडला): ग्रामीण क्षेत्रों में बदलते मौसम के साथ ही पशुओं को खुरपका रोग ने अपनी गिरफ्त में हैं। खुरपका रोग के चलते अब तक कई पशुओं की मौत हो चुकी है।

क्षेत्र में पशुओं में फैली खुरपका बीमारी से कई पशु मौत के गाल में समा गए हैं। पशुओं में टीकाकरण न होने के कारण बीमारी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया है। क्षेत्र में दर्जनों पशु गलाघोंटू बीमारी से भी ग्रसित हैं। इस रोग में गले में सूजन आ जाती है। इस बीमारी के चलते पशु को चारा खाने में भी परेशानी होती है। बीमारी बढ़ने पर गला बंद हो जाने के कारण पशु की मौत हो जाती है। बन्ना निवासी वीरेश यादव, मोहम्म्दाबाद निवासी चौ. जगदीश यादव का कहना है कि गांव में दर्जनों पशु बीमारी के शिकार हैं। गाव में कोई टीकाकरण नहीं किया गया। पशु चिकित्सा विभाग मात्र कागजों में टीकाकरण कर रहा है। जिसके चलते पशु पालकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पशुओं का टीकाकरण कराने की माग की है।

क्षेत्र में किया जा रहा है टीकाकरण

पशुओं में खुरपका बीमारी फैलने के बारे में ग्रामीणों ने कोई जानकारी नहीं दी है। पूर्व में पशुओं का टीकाकरण कराया गया है। वर्तमान में गांव-गांव टीकाकरण कराया जा रहा है। पशुओं के बीमार होने पर झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज न कराएं। तत्काल पशु के बीमार होने की जानकारी चिकित्सालय को दें।

डा. एके दौनेरिया, पशु चिकित्साधिकारी।

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