यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वायरल फीवर से दो की मौत, कई बीमार
जागरण संवाददाता, फतेहपुर : बारिश के मौसम में जलभराव, गंदगी व दूषित खानपान से संक्रामक बीमा

जागरण संवाददाता, फतेहपुर : बारिश के मौसम में जलभराव, गंदगी व दूषित खानपान से संक्रामक बीमारियों का कहर अब धीरे-धीरे घर कर रहा है। जिससे यमुना कटरी क्षेत्र के दस गांवों में बीमारी ने चपेट में ले लिया है। लगभग हर घर में कोई न कोई सर्दी, जुखाम, वायरल फीवर, मलेरिया व टायफाइड, सिर दर्द, पेटदर्द व उल्टी दस्त के मरीज मिल रहे हैं। शुक्रवार को वायरल फीवर के कहर से एक बालक समेत दो लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों बीमार हैं। ऐसे मरीजों से सरकारी व प्राइवेट नर्सिंग होम के वार्ड फुल हैं। उसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा बीमारी के प्रति संजीदा नहीं है।
असोथर कस्बा के प्रतापनगर मोहल्ला निवासिनी 45 वर्षीय गुड़िया पत्नी सम्भर को शुक्रवार को सुबह उसका बेटा बुद्धराज बीमारी की हालत में जिला चिकित्सालय गंभीर हालत में लाया। महिला की इलाज के दौरान की मौत हो गई। गमजदा बेटे ने बताया कि मां को चार-पांच दिनों से बुखार आ रहा था। उधर असोथर थाने के विधातीपुर गांव निवासी 11 वर्षीय नैनसू पुत्र महेश यादव गत छह दिनों से वायरल फीवर से ग्रसित था। शुक्रवार को इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई। उसके साथ ही गांव में योगेश, सूरज, शनि, काजल, पंकज, वंदना, अर्चना, सुरेंद्र, राजू, नीलम समेत दर्जनों बीमार हैं लेकिन संक्रामक रोग नियंत्रण टीम व इलाकाई चिकित्सकीय टीम गांव नहीं पहुंची जबकि ग्रामीणों ने स्वास्थ्य महकमा को सूचना भी दे दी थी। खास बात यह रही कि गांव में एंटी लार्वा के छिड़काव के लिए एक बोरी पाउडर आया था लेकिन उसे भी जलभराव व बजबजाती नालियों में नहीं डलवाया गया जिससे गंदगी की वजह से बीमारियां घर कर रही हैं। इसी प्रकार हरनवां, बाबातारा, कठौता, वनपुरवा, कौंण्डर, बेरुई, अल्लीपुर में संक्रामक बीमारियां फैल रहीं हैं। पीएचसी डॉक्टर सत्यम गुप्ता का कहना था कि शीघ्र ही टीम भेजकर एंटी लार्वा पाउडर का छिड़काव करवाकर दवाईयां वितरित कराई जाएगी। उधर यमुना कटरी क्षेत्र के ललौली, महना, ¨सधाव, दतौली, ओती, मिलकिनडेरा, अढ़ावल, अकिलाबाद आदि गांवों में जलभराव व गंदगी की वजह से त्वचा में खुजली के दाने, पेटदर्द व वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ा हुआ है। मरीजों का कहना था कि ललौली अस्पताल में दवाओं का टोटा है इसलिए वह बहुआ पीएचसी इलाज को आ रहे हैं। डा. आभा श्रीवास्तव, डा. मुकेश शर्मा, डा. राजेश गुप्ता का कहना था कि हालत यह है कि ओपीडी में एक सैकड़ा से अधिक मरीज देखे जा रहे हैं लेकिन यमुना कटरी क्षेत्र में मरीजों को वायरल फीवर के साथ त्वचा में खुजली के दाने की दवाएं दी जा रही है। जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मूलचंद्र,फिजिशियन डॉ. अर¨वद सचान व डॅा. आरएन गुप्ता ने संक्रामक रोगों से बचने की कुछ सलाह दी है। सीएमओ डॉ. विनय पांडेय का कहना था कि जिला संक्रामक रोग नियंत्रण टीम लगी हुई हैं। ग्रामीणों की सूचना मिलते ही टीमें वहां जाकर कैंप कर दवाइयां वितरित कर रही हैं।
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चिकित्सकीय टीम की सलाह पर नजर
- घरों में आस पास जलभराव व गंदगी न होने दें
- रात को सोते समय मच्छरदानी लगाकर ही सोएं
- क्लोरीन युक्त शुद्ध पानी या पानी उबालकर पिएं
- शौच के बाद हाथों को साबुन से कसकर धोंए
- चटक धूप और बारिश में ज्यादा देर न रहें
- बासी प्रदूषित मांस का सेवन कतई न करें
- जगह-जगह प्रदूषित पानी भी न पिएं
- घरों के पास जलभराव होने से तुरंत साफ कराएं
- बुखार आने पर तुंरत चिकित्सक के पास जाएं
