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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुखार से दो की मौत, मस्तिष्क ज्वर की दहशत

By JagranEdited By:
Published: Sun, 29 Oct 2017 03:00 AM (IST)

फतेहपुर टीम : बदले मौसम में मच्छरों के प्रभाव से बढ़ रहे मच्छर जनित रोगों गांव से शहर त

बुखार से दो की मौत, मस्तिष्क ज्वर की दहशत
बुखार से दो की मौत, मस्तिष्क ज्वर की दहशत

फतेहपुर टीम : बदले मौसम में मच्छरों के प्रभाव से बढ़ रहे मच्छर जनित रोगों गांव से शहर तक लोग प्रभावित हैं। रोकथाम के प्रयास नाकाफी है। शनिवार को अमौली सीएचसी क्षेत्र के धमना गांव में मस्तिष्क ज्वर की आशंका से लोग दहशत में आ गए। चूंकि यहां बीमारी की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गयी है। गांव में 25 से अधिक प्रभावितों का उपचार कर रहे झोलाछाप डाक्टरों ने मस्तिष्क ज्वर की आशंका जाहिर की है। उधर डेंगू फैलने की सूचना पड़ताल करने पहुंची स्वास्थ्य टीम ने ललौली क्षेत्र के पंचा का डेरा, चौभइया का डेरा, गंधुआ का डेरा में कैंप लगाकर रोगियों का परीक्षण किया। यहां मच्छरों के प्रभाव को कम करने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव कर 40 मरीजों को दवा बांटी। टीम ने यहां टायफाइड फैलने की पुष्टि की।

धमना खुर्द गांव में पिछले एक सप्ताह से लोगों को जुकाम और खांसी की बीमारी शुरू हुई। शिवाकांत कश्यप की 6 वर्षीय पुत्री संजना की बुखार से मौत हो गयी शनिवार को अजय पटेल (24) ने भी कानपुर के एक अस्पताल में उपचार दौरान दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान सत्य नारायण ने बताया हैलट में डाक्टरों ने मस्तिष्क बुखार से मौत होना बताया है। एक छोटी बच्ची व युवक मौत से गांव में दहशत फैल गयी है। यहां बीमारी की चपेट में आए रमेश कुटार, मनोज कुमार, रश्मि, रेशमा, माया देवी, सुजनिया, नितांशू, श्यामकली, मंजूषा, हिमांशू, राजेंद्र कुमार, दिनेश कश्यप आदि घर में लोग सरकारी उपचार न मिलने से आक्रोश में है। सरकारी डाक्टर न पहुंचने से गांव के लोग झोला छाप चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। सीएचसी प्रभारी विमल चौरसिया का कहना है कि मस्तिष्क ज्वर पूर्वाचल की बीमारी है। फिर भी गांव में टीम भेजी जाएगी। सीएमओ डा. विनय कुमार पांडेय बताया कि मस्तिष्क ज्वर कहीं भी हो सकता है। हम कल टीमें भेजकर स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रबंध करेंगे।

गांव में मुर्गी फार्म, गंदगी का अंबार

अमौली : अमौली सीएचसी के धमना खुर्द गांव में गंदगी का अम्बार है। गांव में तालाब किनारे एक मुर्गी फार्म खुला है। इस मुर्गी फारम से होने वाली गंदगी तालाब में जा रही है। बीमारी भी तालाब की तरफ फैली है। गांव के किनारे गोबर के ढेर लगे हैं। मुर्गी फार्म की गंदगी से तालाब के पास खड़े होकर सांस लेना मुश्किल है। गांव के लोगों ने दबी जुबान कहा मुर्गी फार्म भी बीमारी की वजह हो सकता है।