यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नोनारा में किशोरी समेत दो की मौत, कई बीमार
फतेहपुर, जागरण टीम : शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में फैली गंदगी एवं दूषित खानपान से वायरल फीवर व डेंगू का

फतेहपुर, जागरण टीम : शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में फैली गंदगी एवं दूषित खानपान से वायरल फीवर व डेंगू का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बीमारी की दहशत में पीड़ित गांव छोड़ने को मजबूर हैं। जहानाबाद थाने के नोनारा में एक किशोरी की उर्सला अस्पताल कानपुर में मौत हो गई, जबकि एक 12 वर्षीय बच्चे की कानपुर हैलट में इलाज के दौरान मौत हो गई और आठ नए मरीज फिर बढ़ गए हैं। स्वास्थ्य महकमा डेंगू से मौत होना नहीं स्वीकार कर रहा है लेकिन पूरे गांव में अभी भी 65 मरीजों का इलाज चल रहा है। उधर खागा कोतवाली के संवत गांव में वायरल फीवर फैल गया है, जिससे एक दर्जन से अधिक लोग चपेट में आकर प्राइवेट नर्सिंग होमों में उपचार करा रहे हैं।
बताते चलें कि जहानाबाद थाने के नोनारा गांव में सुधा, सुधिया, दीपक प्रजापति व मुन्नी देवी की विचित्र बुखार से मौत हो चुकी है और 65 मरीज डेंगू की दहशत में उर्सला कानपुर व हैलट हास्पिटल में इलाज करवा रहे हैं, लेकिन सरकारी दवाओं का भरोसा नहीं कर रहे हैं। नोनारा गांव निवासी 13 वर्षीय गुड़िया पुत्री हरिशंकर उत्तम का इलाज उर्सला कानपुर में चल रहा था, उसने भी सोमवार को इलाज दौरान दम तोड़ दिया, जबकि 11 वर्षीय नितिन को उर्सला से हैलट रेफर कर दिया गया है। गांव में नए मरीज कंचन, रश्मी, सुरेंद्र, रमेश, अमन, संदीप, पुष्पा व रूचि बढ़ गए है,ं जिन्हें परिजन सीधे उर्सला कानपुर लेकर गए जहां चिकित्सकीय टीम ने भर्ती करने से इंकार कर दिया क्योंकि बेड फुल हो गए थे इसलिए सभी आठों मरीजों को परिजन हैलट लेकर गए। डिप्टी सीएमओ डा. फतेहबहादुर ¨सह का कहना था कि गांवों में दवाएं भेजकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है और कुछ मरीजों की स्लाइड भी बनाई गई है, गंदगी साफ करा दी गई है। हालत यह है कि नोनारा गांव से लोग घरों में ताला लगाकर पलायन कर रहे हैं। इसी प्रकार खागा कोतवाली के संवत गांव में वायरल फीवर का प्रकोप फैल गया है जिससे शिखा, ज्योति, सुचित, सविता, रवि मौर्य, पूजा, अनुसुइया आदि बीमार हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में माहों से डाक्टर के न आने पर मरीज प्राइवेट झोलाछाप चिकित्सक से इलाज कराने को मजबूर हैं और सफाई कर्मी भी एक वर्ष से नदारद है जिससे समस्या विकराल बनी हुई है। इसी प्रकार वायरल फीवर से गाजीपुर कस्बा समेत पैनाखुर्द, इटौली, छविनाथपुर, मिर्जापुर, नहरखोर, चुरियानी, करसूमा आदि गांव ग्रसित हैं जहां मरीज सरकारी दवाओं पर भरोसा न करके सदर अस्पताल भाग रहे हैं और सदर अस्पताल में भी वायरल फीवर व टाइफाइड मरीज भरे पड़े हैं। उधर हथगाम, असोथर, मलवां, हुसेनगंज, थरियांव, ललौली क्षेत्र के कई गांवों में वायरल फीवर फैला हुआ है। 118 बेडों का सदर अस्पताल का वायरल फीवर, टायफाइड व मलेरिया बुखार से भरा पड़ा है। लैब टेक्नीशियन रामप्रकाश ¨सह कहते हैं कि प्रतिदिन 100 के ऊपर मरीज खून जांच कराने आ रहे हैं जिसमें अधिकतर मरीजों को वायरल फीवर है।
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एंबुलेंस की व्यवस्था नदारद
फतेहपुर : जहानाबाद थाने के नोनारा गांव में स्वास्थ्य महकमा ने एक भी एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं सुनिश्चित कराई है, जिससे मरीजों को प्राइवेट साधनों के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से शिथिलता बरता है उसका रवैया नकारात्मक दिख रहा है। सिर्फ दवाएं वितरित करके खानापूरी कराई जा रही है।
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डेंगू से मौत नहीं : डिप्टी सीएमओ
फतेहपुर : डिप्टी सीएमओ व संक्रामक इंचार्ज डा. फतेहबहादुर ¨सह कहते हैं कि नोनारा गांव में जितनी भी मौतें हुई हैं उसमें डेंगू की पुष्टि किसी में नहीं हुई है। चौथी मुन्नी देवी व पांचवी गुड़िया की मौत होने की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। कहा कि 5 सितंबर 2015 से अब तक 19 मरीज डेंगू के चि¨हत किए गए हैं और वह सभी ठीक होकर वापस घर चले गए हैं। उनमें अधिकतर वह मरीज हैं जो बाहर जिलों में रहे हैं और बीमार होने पर अपने घर आए। कहा कि नोनारा में पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है। कहा कि जिले में डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।
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डेंगू के ¨चहित मरीज
शाहीन - सुखनंदनखेड़ा मलवां
कमलाकांत त्रिपाठी - खखरेडू
संदीप -रूसई चांदपुर
रोहित -फुलवामऊ -गौहर - एडीजे कालोनी
रूबी - लखनाखेड़ा, ¨बदकी
शिखा - फरीदपुर ¨बदकी
मनीषा उत्तम - मितईखेड़ा
चंद्रपाल - खूंटाझाल
सर्वेश ¨सह - बौंडर
सुनीता - देवीगंज
चंद्रप्रकाश - सोनारन टोला असोथर
सरवनदास - लखनऊ रोड बाईपास
सिमरन- कुंसुभी असोथर
अमित ¨सह - सैदपुर मुसई
दीपा - खखरेडू
नीरज -साईं मजरे मौहार
रोशनलाल - खखरेडू
अभय उत्तम - नोनारा
