यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विचित्र बुखार से दो बालकों की मौत
गाजीपुर/ जहानाबाद/ हथगाम/ (फतेहपुर) संवाद सूत्र : शहर व ग्रामीण क्षेत्र में गंदगी एवं दूषित खानपान स

गाजीपुर/ जहानाबाद/ हथगाम/ (फतेहपुर) संवाद सूत्र : शहर व ग्रामीण क्षेत्र में गंदगी एवं दूषित खानपान से विचित्र बीमारी का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जहानाबाद थाने के नोनारा में विचित्र बुखार से एक बालक की मौत हो गई, जबकि गाजीपुर के हसनपुर गांव में एक बालक को उल्टी-पेट दर्द के बाद मौत हो गई। हथगाम कस्बा में दूसरे दिन चिकित्सकीय टीम के न पहुंचने से पीड़ित मरीज नर्सिंग होम पलायन कर गए हैं।
बताते चलें कि जहानाबाद थाने के नोनारा गांव में अभी दो दिन पूर्व सुधा व सुधिया की विचित्र बुखार से मौत हो गई थी तबसे बुखार से पीड़ित आधा सैकड़ा से अधिक मरीज डेंगू की दहशत में प्राइवेट नर्सिंग होम व कानपुर हास्पिटल में इलाज करवा रहे हैं, लेकिन सरकारी दवाओं का भरोसा नहीं कर रहे हैं। नोनारा गांव निवासी अखिलेश प्रजापति के 11 वर्षीय बेटे दीपक का इलाज उर्सला अस्पताल कानपुर में चल रहा था। विचित्र बुखार से पीड़ित दीपक ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया, जिससे गांव में और भी दहशत फैल गई है। सीएचसी प्रभारी डा.यसपी जौहरी का कहना था कि गांवों में दवाएं भेजकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है और कुछ मरीजों की स्लाइड भी बनाई गई है। इसी प्रकार गाजीपुर थाने के हसनपुर गांव में 8 वर्षीय अमित पुत्र रामनिहोरे पाल को रात में अचानक उल्टी हुई और हल्का बुखार चढ़ा आया, फिर पेट में दर्द उठा और अस्पताल लाते समय रास्ते में मौत हो गई, जिससे परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। विचित्र बीमारी के कहर से गांव में काफी दहशत है। वायरल फीवर के प्रकोप से पैनाखुर्द, इटौली, छविनाथपुर, मिर्जापुर, नहरखोर आदि गांव ग्रसित हैं जहां मरीज सरकारी दवाओं पर भरोसा न करके सदर अस्पताल भाग रहे हैं और सदर अस्पताल में भी वायरल फीवर व टाइफाइड मरीज भरे पड़े हैं। उधर हथगाम कस्बा के वार्ड नंबर दो व तीन में दूसरे दिन चिकित्सकीय टीम नहीं पहुंची लेकिन कुछ मरीज और वायरल फीवर की गिरफ्त में आ गए हैं। उन मरीजों में रामप्रसाद, मिठाईलाल, राजू, धुन्नू, फूलकली, रामलाल, गीता देवी आदि हैं जो गांव से पलायन करके नर्सिंग होम में अपना इलाज करवा रही हैं। उधर सीएमओ डा. विनय पांडेय का कहना था कि घबराने की बात नहीं है, सिर्फ वायरल फीवर व टायफाइड के मरीज ही हैं। जहां बीमारी फैली है वहां पर दवाएं वितरण करवाकर स्लाइडें बनवाई जा रही हैं। गांवों में गंदगी की सफाई भी कराई जा रही है।
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चिकित्सकीय टीम की सलाह पर नजर
- साबुन से हाथ धुलकर ताजा भोजन करें
- बासी व दूषित खाना कतई न खाएं
- धूप में फुल आस्तीन के कपड़े पहनकर निकलें
- दिन भर खूब पानी पिए और नींबू शर्बत पीते रहें
- घर के आस पास जलभराव कतई न होने दें
- रात को मच्छरदानी व आलआउट लगाकर सोएं
- आरओ न हो तो पानी गर्म कर उसे ठंडा कर पिए
- वायरल फीवर होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
