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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विचित्र बुखार से दो मरे, 200 बीमार

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Published: Wed, 30 Sep 2015 07:41 PM (IST)

जहानाबाद (फतेहपुर) संवाद सूत्र : गंदगी व दूषित खानपान की वजह से अब विचित्र बीमारी ने नोनारा गांव मे

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जहानाबाद (फतेहपुर) संवाद सूत्र : गंदगी व दूषित खानपान की वजह से अब विचित्र बीमारी ने नोनारा गांव में एक महिला समेत दो लोगों को निगल लिया। जिससे उनके घरों में कोहराम मचा हुआ है। हालात यह है कि लहुरी-सरायं व नोनारा गांव में करीब 200 लोग विचित्र बुखार व वायरल फीवर से ग्रसित हैं। गांवों में डेंगू की दहशत की वजह से एक सैकड़ा से अधिक मरीज प्राइवेट नर्सिंग होम चले गए हैं। उधर असोथर विकास खंड के फरीदाबाद टिकरी गांव में डेंगू का मरीज मिलने से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। डेंगू मरीज को परिजन कानपुर लेकर रवाना हो गए हैं।

नोनारा गांव निवासी सुरेंद्र प्रजापति की 45 वर्षीय पत्नी सुधा देवी को विचित्र बुखार था जिन्हें परिजन कानपुर रिजेंसी ले गए थे। बताते हैं कि वहां डेंगू की पुष्टि होने पर परिजन लखनऊ मेडिकल कालेज ले गए जहां सुधा की मौत हो गई। उधर गांव में ही रामसजीवन प्रजापति की 65 वर्षीय पत्नी सुधिया हफ्ते भर से वायरल फीवर से बीमार थी लेकिन रुपयों के अभाव में उसका इलाज घर पर ही चल रहा था, दवाओं के फायदा न मिलने पर उसकी भी बुधवार को मौत हो गई। जिससे पूरे गांव में डेंगू की दहशत हो गई है। गांव में विकास, रूपाली, रामा, रामू, पियूष, रामदुलारी, वर्षा, सुरजन, रामसखी, दुर्जी समेत 50 लोग वायरल फीवर की चपेट में आ गए हैं। पूर्व प्रधान राम¨सह उत्तम का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ वायरल फीवर ही मानकर चल रही है, जबकि कुछ मरीजों को खून की उल्टियां भी हो रही हैं। जिससे मरीज दहशत के मारे प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज करवा रहे हैं। सीएचसी प्रभारी डा. यस पी जौहरी का कहना था कि गांवों में चिकित्सकीय टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराया गया और एंटी लार्वा का छिड़काव करवा दिया गया है। जांच के लिए कई मरीजों के खून के नमूने भी लिए गए हैं।

उधर असोथर विकास खंड के फरीदाबाद टिकरी गांव में मंजू देवी पत्नी विजय ¨सह को शहर क्षेत्र के पटेलनगर स्थित डा. एसके ¨सह को दिखाया गया जहां चिकित्सक ने कानपुर में जांच कराने को कहा। कानपुर की जांच में महिला को डेंगू की पुष्टि हो गई जिससे उसे कानपुर में भर्ती करा दिया गया। डेंगू का मरीज मिलने से पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। इसी प्रकार लहुरी सरांय गांव में वायरल फीवर से ग्रसित समता देवी, पूनम यादव, जगदेई, शारदा, आशीष, रामबली व विद्या की हालत अभी भी ¨चताजनक बनी हुई है। गांव में करीब डेढ़ सैकड़ा लोग वायरल फीवर की गिरफ्त में है जिसमें 100 के करीब मरीज प्राइवेट नर्सिंग होम में उपचार करा रहे हैं। हालांकि मलेरिया अधिकारी ईशान कुमार का कहना था कि फा¨गग मशीन से छिड़काव करा दिया गया है इसके अलावा मच्छर के लार्वा को मारने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। उधर बुधवार की सुबह से मजदूरों से बजबजाती नालियों की सफाई का काम भी कराया गया।

पीड़ितों की हालत सामान्य

असोथर कस्बा समेत कौंडर, बौंडर, सरांय खालिस, लखनहा, दरियापुर, कठौता, चुनका का डेरा, विधातीपुर, वभनतारा आदि गांवों में वायरल फीवर से ग्रसित मरीजों की हालत सामान्य है और सरकारी दवाओं व प्राइवेट दवाओं से अब उन्हें अब आराम मिल रहा हैं। पीएचसी प्रभारी डा. पवन बाजपेयी का कहना था कि मरीजों की हालत में पहले से काफी सुधार हुआ है।

डेंगू नहीं सिर्फ वायरल फीवर

सीएमओ डा. विनय पांडेय का कहना था कि बीमारी से प्रभारी गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजकर दवाओं का वितरण करवाकर एंटी लार्वा का छिड़काव भी करा दिया गया है। बताया कि नोनारा में दो की मौत वायरल फीवर से हुई है किसी को डेंगू नहीं था। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दहशत के मारे डेंगू की अफवाह फैला रहे हैं जो गलत हैं।