यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खानपुर में बुखार से पांच और बीमार

जाफरगंज, संवाद सूत्र : अमौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गांव खानपुर में बुखार के चपेट में पांच मरीज और आ गए हैं जिससे बीमारी की संख्या बढ़कर सात हो गई है। बस्ती में दहशत का माहौल है। डाक्टरों की एक टीम रात को गांव पहुंची और रात में ही दवाएं बांट वापस लौट गई।
खानपुर गांव की बस्ती में विचित्र बीमारी से रविवार को 11 वर्षीय रागिनी पुत्री हेमराज की मौत हो गई। दो बच्चे अनुराधा व छोटू बीमार पड़ गए। दोनों का इलाज कानपुर हैलट में चल रहा है। सोमवार को रामचंद्र का पुत्र योगेंद्र (9)्र कृष्ण कुमार का पुत्र राधाकृष्ण (3), सुनील की पुत्री सुंदरी (एक वर्ष), रज्जन कोरी का पुत्र शिवम (5), महिपाल का पुत्र कृष्ण कुमार (26) बीमार पड़ गए। महिपाल अपने पुत्र को लेकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डिघरुवा पहुंचा। वहां पर डाक्टर नहीं मिले। फार्मेसिस्ट विनोद कुमार ने ही बुखार की कुछ दवाएं दी। बीमारों की संख्या बढ़ने से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। सीएमओ के निर्देश पर अमौली पीएचसी डाक्टर विमल चौरसिया टीम के साथ गांव पहुंचकर पीड़ितों को दवाईयां दी लेकिन चिकित्सकीय टीम रात को रवाना हो गई। डाक्टर विमल चौरसिया बीमारी नही बता पाए कि आखिर कौन सी विचित्र बीमारी है। अजीब लक्षण से पूरा गांव दहशत में है। ग्रामीणों ने बताया कि बीमार पड़ने से पहले नाक से पानी आना, सिर दर्द, बुखार इसके बाद गले में सूजन के साथ आवाज बंद हो जा रही है।
'चिकित्सकीय टीम को खानपुर गांव भेजा गया था। मरीजों को दवाएं देकर खून जांच को सैम्पल ले लिया गया है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है लेकिन अभी तक बीमारी पकड़ में नहीं आ'।
- डा. मुरारीलाल वर्मा, सीएमओ फतेहपुर।
गंदगी की वजह मुर्गियां ..
खानपुर में जिस बस्ती में बीमारी फैली है वहां की गलियों में गंदगी जमा है। नालियों भी गंदगी से पटी हैं। कई जगह तो नालियों से उठ रही दुर्गध में सांस लेने तक मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कहीं यह बीमारी मुर्गी से तो नहीं फैल रही। सफाईकर्मी कभी आता ही नही। प्रधान रुद्रपाल ने बताया कि गंदी गलियों को साफ कराने के लिए सफाई कर्मी को बुलाया गया है।
