यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ाबुखार से सिठियानी में चौथी मौत,दहशत

खागा, संवाद सहयोगी : बुखार लोगों की धड़ाधड़ जान लेता जा रहा है। स्वास्थ्य महकमे के द्वारा उठाए जा रहे कदम नाकाफी साबित हो रहे हैं। संक्रामक बुखार में आने के बाद जान को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। गांव से लेकर महानगरों में इलाज के बाद ग्रामीण पाल्यों को नहीं बचा पा रहे हैं। हालिया दो मौतों के बाद ग्रामीणांचलों में भय व्याप्त हो गया है। स्वास्थ्य महकमें पर लापरवाही के आरोप भी मढ़े जा रहे हैं। गांव में पखवारे भर में हुई चौथी मौत से दहशत व्याप्त हो गई है।
तहसील क्षेत्र में विचित्र बुखार से हो रही मौतों को लेकर ग्रामीण दहशत में हैं। विजयीपुर ब्लाक के असदुल्लानगर सिठियानी गांव में बुखार पीड़ित एक 13 वर्षीय किशोर रोहन पुत्र सुरेश की मौत हो गई। विचित्र बुखार को लेकर दहशत फिर पैदा हो गई है। ग्रामीणों का कहना है चिकित्सीय टीम के गांव में आने-जाने का भी कोई फायदा नही मिल रहा है। इसी प्रकार ऐरायां ब्लाक के अल्लीपुर भादर गांव निवासी रमेश निर्मल के पुत्र विवेक (3) ने भी इलाहाबाद स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक बालक को तेज बुखार की शिकायत पर इलाहाबाद लेकर गए। 5 दिन तक उपचार के बाद भी कोई फायदा नही मिला। पखवारे भर में हुई अलग-अलग हुई मौतों से ग्रामीण खासे दहशत में हैं। लोगों का कहना है स्वास्थ्य विभाग जांच तथा उपचार के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहा है।
प्रभावी नहीं हो रहे कदम
बुखार से पीड़ित गांव में स्वास्थ्य महकमें द्वारा की गई कवायद राहत नहीं दिला पा रही है। विजयीपुर पीएचसी से गई टीम ने पीड़ितों की खून जांच करते हुए उस दौरान बताया था कि सीजनल फीवर तथा मलेरिया से ग्रामीण पीड़ित थे। जांच और दवाओं के वितरण के बाद लाभ न मिलने से ग्रामीण विभाग को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
क्या कहते जिम्मेदार
सिठियानी गांव में टीम बराबर जा रही है। बीते 4 दिन पहले 17 स्लाइडें बनाई गई थी। जिनमे से अधिकांश लोगों को सीजनल बुखार था। कुछ मरीज मलेरिया से पीड़ित मिले थे। टीम बराबर दवाएं बांट रही है। कल हुई मौत के बारे में जानकारी नहीं है।
- डॉ केसी यादव, पीएचसी प्रभारी
विजयीपुर
