यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संक्रामक बुखार से किशोर की मौत, दहशत

गाजीपुर/ फतेहपुर, जागरण संवाददाता : संक्रामक बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। एक के बाद एक मौतें हो रही हैं लेकिन प्रशासन मानने को तैयार नहीं है। गाजीपुर क्षेत्र में फिर किशोर की संक्रामक बुखार से मौत हो गई।
सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल बुखार की मरीजों से भरे हुए हैं। डॉक्टरों के चेंबर के आगे मरीजों की लंबी कतारे लगी हुई हैं। बुखार से मरीज कराह रहे हैं। नर्सिग होम से लेकर जिला अस्पताल के बेड़ बुखार के मरीजों से पटे पड़े हैं। बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। गंभीर बुखार से होने वाली मौतों की तह में जाने के बजाय स्वास्थ्य महकमा उनमें बखूबी पर्दा डालने का काम कर रहा है। गाजीपुर थाने के बंवारा गांव निवासी श्याम सिंह यादव का 12 वर्षीय पुत्र त्रिवेणी उर्फ टिंचू संक्रामक बुखार का शिकार हो गया। गांव से लेकर शहर और फिर हैलट ले जाया गया लेकिन मौत के आगे वह हार गया। तीन दिन पूर्व 1 सितंबर को उसने हैलट में दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना था कि जांच में उसे डेंगू की पुष्टि हुई थी। डेंगू से हुई मौत की बात उजागर होते ही परिवार और गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। परिजनों ने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।
सीएमओ डॉ. एमपी वर्मा ने कहाकि प्राइवेट पैथालॉजी के आधार पर डेंगू नहीं कहा जा सकता है। फिर भी वह मामले की जांच कराएंगे। गांव टीम भेजकर कार्यवाही कराई जाएगी।
प्राइवेट पैथालॉजी में हुई पुष्टि
प्रशासन भले ही डेंगू से हुई मौत को सिरे से खारिज कर रहा हो पर बंवारा गांव में हुई किशोर की मौत का कारण डेंगू बताया जा रहा है। जांच में मौत का कारण डेंगू की पुष्टि हुई है। कानपुर के तुलसी डाइग्नोसिस सेंटर की रिपोर्ट इसकी पुष्टि कर रही है।
