यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
टीकाकरण के तीन दिन बाद बच्चे की मौत, भड़के परिजन

जागरण संवाददाता, एटा-मारहरा: मुहल्ला बस्ती में शुक्रवार को तीन माह के एक बच्चे की मौत हो गई। अचानक हुई मौत पर बच्चे के परिजन आक्रोशित हो उठे और तीन दिन पूर्व टीकाकरण को आई टीम पर मौत का आरोप लगाने लगे। बाद में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया, तब कहीं जाकर वे शांत हुये।
हुआ यूं कि 30 जून को टीकाकरण की टीम में शामिल एएनएम ने क्षेत्र के तकरीबन 30 बच्चों को टीका लगाया था। जिसमें मुहल्ला बस्ती निवासी मनोज कुमार पुत्र जमुनादास के तीन माह के बच्चे को भी टीका लगाया गया। तीन दिन बाद अचानक ही उस बच्चे की मौत हो गई, जिस पर परिजन टीकाकरण टीम पर बच्चे की मौत का आरोप लगाते हुये आक्रोश व्यक्त करने लगे। जब इस बात की जानकारी विभाग के आला अधिकारियों को हुई तो शनिवार की दोपहर चिकित्सा विभाग की टीम मुहल्ला बस्ती पहुंची। टीम में शामिल डिप्टी सीएमओ डा. राकेश कुमार ने आक्रोशित परिजनों को समझाया। साथ ही वैक्सीनेशन के प्रभाव और दुष्प्रभाव की जानकारी देते हुए उन्हे संतुष्ट किया। टीम में डा. राकेश कुमार के अलावा बीपीएम डा. मुकेश, यूनीसेफ डीएमसी डा. गणेश पाण्डेय, बीएमसी मुहम्मद हफीज खान शामिल थे।
30 जून को बस्ती मुहल्ले में लगभग एक दर्जन से भी अधिक अन्य बच्चों के वही टीके लगाये गये थे। लेकिन वह सभी बच्चे पूर्णतया स्वस्थ हैं। वैक्सीनेशन में कुछ कमी होती तो उसका दुष्प्रभाव अन्य बच्चों पर भी हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बच्चे की मौत का आरोप टीकाकरण पर लगाना गलत है ।
डा. राकेश कुमार
डिप्टी सीएमओ, एटा
फोटो नं- 05ईटीएच09
