यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डायरिया पीड़ित वृद्धा की मौत

चित्रकूट, जागरण संवाददाता : जिले में उल्टी दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या रोज बढ़ रही है। बुधवार को डायरिया पीड़ित एक वृद्धा की मौत हो गई।
गर्मी व उमस के बढ़ने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र में उल्टी दस्त व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकारी व निजी अस्पतालों में प्रतिदिन पीड़ित महिलाओं व बच्चों को भर्ती कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के अभाव के कारण लोग छोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। बाद में जब हालत गंभीर हो जाती है तो फिर कुशल चिकित्सक के पास पहुंचते हैं। सीतापुर चौकीक्षेत्र के बौनापुरवा की सुरतिया देवी (60) पत्नी चुनवाद को कई दिनों से उल्टी दस्त व बुखार की शिकायत थी। परिजन उसका इलाज गांव में ही करा रहे थे। मंगलवार की रात हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां बुधवार की सुबह उसकी मौत हो गई।
वृद्धा ने की आत्महत्या
पहाडी संवाद सूत्र के अनुसार पहाड़ी बुजुर्ग गांव में बेलिया (65) पत्नी चौबेपाल ने आत्महत्या कर ली। बताया गया कि बुधवार की सुबह किसी बात को लेकर बेलिया का परिजनों से विवाद हो गया। इससे नाराज वृद्धा ने घर की छत पर जाकर अपने शरीर में मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। जानकारी होते ही परिजन व पड़ोसी छत पर पहुंचे तब तक वृद्धा बुरी तरह झुलस गई थी। थोडी देर में वृद्धा की मौत हो गई।
