यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुजरात से गांव आए दो युवकों की डेंगू से मौत, एक गंभीर
बबुरी (चंदौली): क्षेत्र के ददरा व गोड़ी गांव में कुछ लोग इन दिनों डेंगू बुखार की चपेट में आए गए हैं।

बबुरी (चंदौली): क्षेत्र के ददरा व गोड़ी गांव में कुछ लोग इन दिनों डेंगू बुखार की चपेट में आए गए हैं। बुधवार को दो युवकों की की मौत हो गई जबकि एक की हालत काफी गंभीर है। वाराणसी स्थित बीएचयू में उसका इलाज चल रहा है। वहीं गांव के दो अन्य युवकों में भी बीमारी के लक्षण पाए गए हैं जिनका इलाज निजी चिकित्सालय में किया जा रहा है। उधर दो युवकों की मौत से ग्रामीणों में दहशत फैली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को गांव का दौरा कर लोगों में दवा वितरित कराई व बचाव के उपाय भी बताए।
ददरा निवासी तेजू बिंद 20 वर्ष, शेरू 20 वर्ष तथा गोड़ी निवासी कमलेश बियार 26 वर्ष गुजरात में रहकर काम करते थे। इन दिनों दशहरा की छुट्टी मनाने अपने अपने गांव आए थे। यहां आने पर उन्हें बुखार हुआ जिसका इलाज उन्होंने विभिन्न चिकित्सालयों में कराया गया। वहीं उनका बुखार उतरने का नाम नहीं ले रहा था। बुधवार को चिकित्सा के दौरान तेजू व कमलेश की मौत हो गई जबकि शेरू का इलाज बीएचयू में चल रहा है। इसके अलावा गोड़ी गांव निवासी संदीप 18 वर्ष व मुन्ना विश्वकर्मा 19 वर्ष भी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। इनका इलाज निजी चिकित्सालय में चल रहा है।
सीएमओ ने भी किया गांव का निरीक्षण
डेंगू की सूचना ग्रामीणों द्वारा चकिया स्थित राजकीय चिकित्सालय के चिकित्सकों को दी गई। सूचना पाकर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पवन कुमार कश्यप ने टीम के साथ उक्त गांवों का दौरा किया। यहां उन्होंने मरीजों में दवा वितरित कराए व बचाव के उपाय भी बताए। चिकित्सकों ने बताया कि गांव में गंदगी के चलते भारी संख्या में डेंगू बुखार के मच्छर उत्पन्न हो गए हैं जिनके काटे जाने के कारण लोगों को बुखार आ रहा है। इन मच्छरों का लार्वा काफी तेजी से विकसित होता है। उन्होंने गांव में ब्लीचिंग पाउडर छिड़कवाने व हैंडपंपों के पानी को उबालकर उसमें क्लोरिन की दवा डालकर प्रयोग किए जाने की सलाह दी। साथ ही ग्रामीणों को बासी भोजन कदापि न खाने की हिदायत दी। चिकित्सकों ने भोजन को हमेशा ढककर रखने तथा कुएं का पानी प्रयोग न करने की सलाह भी दी।
