यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डायरिया से बालिका की मौत, दर्जनों बीमार

शिकारगंज (चंदौली) : डायरिया की चपेट में आने से कस्बा की दलित बस्ती निवासी काजल नामक छह वर्षीय बालिका की शुक्रवार की देर रात मौत हो गई। जबकि दर्जनों लोग उल्टी दस्त से परेशान होकर चकिया स्थित संयुक्त चिकित्सालय व निजी अस्पतालों की शरण लिए हुए हैं।
शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ केंद्र चकिया की चिकित्सकीय टीम ने बस्ती का दौरा कर तकरीबन 40 मरीजों का इलाज किया। बस्ती में क्लोरीन की गोली व आवश्यक दवाओं का वितरण करते हुए क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया। दलित बस्ती में दूषित जल के सेवन से ललतू की पुत्री काजल उर्फ गरीबा की अचानक तबीयत खराब हो गई। उल्टी दस्त से पीड़ित बालिका की हालत खराब देख परिजन चकिया संयुक्त चिकित्सालय ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
बस्ती के लोग डायरिया जैसे संक्रामक बीमारी के प्रति जब तक सचेत होते कि राकेश, लक्ष्मण, सभ्यता, गनेश की हालत खराब होने पर 108 नंबर की सेवा से चकिया संयुक्त चिकित्सालय में दाखिल करा दिया। जबकि जयश्री (21) वर्ष सहित तीन लोगों को निजी चिकित्सालयों में दाखिल किया गया। वहीं दूसरी ओर करवदियां गांव निवासिनी शांति (12) व रुबन कुमार (30) वर्ष को भी डायरिया की चपेट में आने के चलते चिकित्सालयों में दाखिल कराया गया है।
बस्ती में बांटी दवाइयां
शिकारगंज : डा. एसएन सिंह, डा. विनोद गुप्ता के नेतृत्व में आनंद मिश्रा, राजेश श्रीवास्तव, चंद्रशेखर रमन, प्रिया सिंह, नेहा आदि स्वास्थ टीम के कर्मी दोनों बस्तियों में पहुंचकर बस्ती के हंशु, कृष्णा, मन्नू, विजयी, कैलाश आदि 40 संक्रामक बीमारी की गिरफ्त में आए मरीजों का इलाज कर नि:शुल्क दवा प्रदान किया।
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