यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तपते मरीज, बदहवास तीमारदार, लाचार महकमा
बुलंदशहर : बुखार से चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। सैकड़ों गांवों के हजारों मरीज बुखार में तप रहे हैं।

बुलंदशहर : बुखार से चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। सैकड़ों गांवों के हजारों मरीज बुखार में तप रहे हैं। गांव से लेकर अस्पताल तक मरीज को बेहतर चिकित्सा उपचार दिलाने को उनके तीमारदार बदहवास घूम रहे हैं और महकमा लाचार बना है। जिला अस्पताल में न तो उन्हें बेड़ मिल रहा है और नही समुचित उपचार। मरीजों की बढ़ती भीड़ से चिकित्सक भर्ती के बाद आराम मिले या न मिले मरीजों की छुट्टी कर रहे हैं।
पिछले एक पखवाड़े से अधिक समय से बुखार का प्रकोप है। जिले का हर कोना बुखार से तप रहा है। सरकारी पीएचसी से लेकर निजी नर्सिग होम व जिला अस्पताल बुखार के मरीजों से लबालब हैं। सैकड़ों की तादाद में मरीजों का अलीगढ़, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, नोएडा व दिल्ली के अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
गुरुवार को भी जिला अस्पताल में मरीजों का बुरा हाल रहा। इमरजेंसी में मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा। सभी वार्ड फुल होने के कारण मरीज बेड के लिए गुहार लगा रहे थे, लेकिन कोई उनका सुनने वाला नहीं था। मरीजों का आरोप था कि पीपल के पेड़ के नीचे पूरी रात्रि बैठे और किसी ने उनकी सुध नहीं ली। वह हर आने जाने वाले हर किसी से बेड व समुचित उपचार दिलाने की गुहार लगाते रहे। मरीजों की तीमारदार बंटी, अनीस, जाहिद, दिलशाद, पप्पू, सलीम, राजीव, संजू ने आरोप लगाया कि भर्ती के बाद मरीजों को देखने वाला कोई नहीं है। अधिक मरीज होने के कारण समय पर उन्हें दवा व इंजेक्शन तक नहीं लग पा रहा है। इस वजह से मरीजों की सेहत में सुधार नहीं है। बावजूद इसके उनके मरीजों को महज 12 घंटे में ही रेफर किया जा रहा है। बुखार में ही मरीजों को घर ले जाना पड़ रहा है।
बुखार ने बिगाड़ी महकमे की सेहत
बुखार ने सेहत महकमे की सेहत बिगाड़ दी है। चिकित्सक से लेकर कर्मचारी तक के पसीने छूट रहे हैं। नर्स व वार्ड ब्वाय मरीजों को इंजेक्शन लगाते-लगाते थक रहे हैं। दिनभर में एक मरीज को दवा व इंजेक्शन की चार डोज देनी है। एक-एक वार्ड में 50 से अधिक मरीज होने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों को इंजेक्शन लगाने में काफी समय लगता है।
अस्पताल में घूम रहे अवारा कुत्ते
जिला अस्पताल में बुखार पीड़ितों के सैकड़ों मरीज भर्ती होने के बाद साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके जिला अस्पताल में आवारा कुत्ते इधर-उधर घूम रहे हैं। कुत्तों की वजह से गंदगी का आलम है।
पर्ची काउंटर बंद, बेहाल मरीज
गुरुवार को बाह्य रोगियो (ओपीडी) का पर्ची काउंटर बंद होने से मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। घंटों इतंजार के बाद मरीज और उनके परिजन पर्ची न बनने पर वापस लौट गए।
