यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झालू में बुखार का कहर, तीन दिन में दो मौत
झालू(बिजनौर) : कस्बे में बुखार लगातार कहर बनकर टूट रहा है। स्वास्थ्य विभाग बुखार से बचाव

झालू(बिजनौर) : कस्बे में बुखार लगातार कहर बनकर टूट रहा है। स्वास्थ्य विभाग बुखार से बचाव को रोकथाम को कदम उठाने में नाकाम साबित हो रहा है।
बुखार ने एक नवविवाहिता की मौत हो गई। अब तक एक दर्जन से अधिक लोग बुखार से काल के गाल में समा चुके हैं। वहीं सैकड़ों बुखार पीड़ित लोग निजी चिकित्सकों के यहां उपचार करा रहे हैं। मोहल्ला चौधरियान निवासी कामेन्द्र ¨सह राणा की पुत्री साक्षी (22 वर्ष) का विवाह चार माह पूर्व अमित पुत्र राम कुमार निवासी ग्राम गोपालपुर के साथ हुआ था। साक्षी के मायके में उसका परिवार बुखार से पीड़ित चल रहा था, जिनकी देखभाल के लिए वह अपने मायके आयी थी। परिजनों की देखरेख के दौरान साक्षी भी बुखार की चपेट में आ गई। बुखार कम न होने पर साक्षी को उपचार के लिए पहले बिजनौर व मेरठ फिर दिल्ली के अस्पताल में ले जाया गया। 23 दिन उपचार के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार को दिल्ली के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मृतका अपने पिता इकलौती पुत्री थी। अभी तीन दिन पूर्व बुखार से सुधीर की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि कस्बे में बुखार से सैकड़ों लोग पीड़ित है। अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में लोग भर्ती होकर उपचार ले रहे हैं। सीएमओ डा. राकेश मित्तल का कहना है कि उन्होंने कस्बे में नियमित जांच शिविर लगाकर दवा का वितरण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छिड़काव के लिए कहा गया है।
कस्बे में सफाई न मरीजों का उपचार
कस्बा झालू में बुखार से रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग व नगर पंचायत कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। कस्बावासियों का कहना है कि कस्बे में नगर पंचायत से ठीक से सफाई भी नहीं कराई जा रही है, जिससे गंदगी का आलम रहता है। वहीं स्वास्थ्य विभाग से मरीजों के उपचार को कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कस्बावासियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग व नगर पंचायत की लापरवाही से बुखार का प्रकोप बढ़ा है। अगर समय रहते दवा व छिड़काव का इंतजाम किया जाता तो यह नौबत नहीं आती।
