यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मस्जिद को लेकर गांव राजपुर परसू में तनाव
हीमपुरदीपा ( बिजनौर): थाना क्षेत्र के गांव राजपुर परसू में रविवार रात मस्जिद निर्माण को लेकर सांप्रद

हीमपुरदीपा ( बिजनौर): थाना क्षेत्र के गांव राजपुर परसू में रविवार रात मस्जिद निर्माण को लेकर सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। ¨हदू समाज का आरोप है कि मुस्लिमों ने अवैध रूप से मकबरे को मस्जिद का रूप देने का प्रयास किया है। सूचना पर एडीएम, एसपी सिटी व एसडीएम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक भी हुई। ग्राम प्रधान की ओर से अवैध निर्माण कराने वालों के खिलाफ तहरीर दे दी गई है। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस और पीएसी बल तैनात कर दिया गया है।
गांव के मुस्लिम समाज के अनुसार करीब दस साल पहले मदरसे का निर्माण कराया गया था। यहां बच्चों को दीनी तालीम दी जाती है। वहीं समय-समय पर नमाज भी अता की जाती है। गांव के ही एक ग्रामीण ने उक्त जमीन को मदरसे के लिए दान में दी थी। बताया गया है कि रविवार देर शाम मुस्लिम समाज के लोगों ने यहां गुंबद का निर्माण शुरू करा दिया। इसकी भनक लगते ही ¨हदू समाज के लोग मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए।
¨हदू समाज के लोगों का कहना है कि यह मदरसा है। यहां पर मुस्लिम समाज के लोग जबरन मदरसे को मस्जिद बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह पूरी तरह अवैध है। देर रात विवाद व तनाव की सूचना पर एडीएम प्रशासन, एसपी सिटी, एसडीएम व सीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मामले की जानकारी लेते हुए दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच दोनों पक्षों के लोग अफसरों के सामने ही उलझ गए। काफी समझाने पर मामला शांत हुआ। उधर, ग्राम प्रधान कुलदीप की ओर से अवैध निर्माण कराने वालों के खिलाफ तहरीर दे दी गई है।
एसडीएम विनीत श्रीवास्तव का कहना है कि मदरसे के ऊपर जो मीनार खड़ी की गई थी, उसे हटवा दिया गया है। गांव में अब किसी तरह का तनाव नहीं है। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई है।
लाउडस्पीकर लगाने को हो चुका है विवाद
गांव स्थित मदरसे पर वर्ष 2009 में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर विवाद हो चुका है। उस समय भी अफसरों को मोर्चा संभालना पड़ा था। हालांकि अफसरों के हस्तक्षेप के बाद मामल शांत हो गय था।
