यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डिप्थीरिया से दो और बच्चों की मौत

बिजनौर : डिप्थीरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। इसकी चपेट में आकर दो और बच्चों की मौत हो गई, जिससे मृतक बच्चों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। रविवार को तीन और डिप्थीरिया पीड़ित बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। लाख प्रयास के बाद भी डिप्थीरिया से होने वाली मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा।
नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम बिजौरी निवासी यशपाल की चार वर्षीय पुत्री निधि 26 अगस्त से जिला अस्पताल में भर्ती थी। हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञ डा. केके सिंह ने बताया कि निधि के परिजन उसे मेरठ मेडिकल कालेज ले गये, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। इसके बाद निधि के परिजन उसे दिल्ली के कई अस्पतालों में ले गये, जहां उसे भर्ती नहीं किया गया। थकहार कर परिजनों ने उसे शनिवार देर शाम फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर खादर निवासी ओमपाल की छह वर्षीय पुत्री दीपिका पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। गले में दर्द और सूजन थी। कुछ निगल नहीं पा रही थी। परिजनों ने उसका इलाज निजी चिकित्सक से कराया। शनिवार रात करीब आठ बजे दीपिका ने दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि इससे पूर्व डिप्थीरिया की चपेट में आकर नौ बच्चों की मौत हो चुकी है।
जिला अस्पताल में तीन मरीज भर्ती
डिप्थीरिया पीड़ित नांगलसोती थाना क्षेत्र के ग्राम सैदपुरी निवासी हारुन के नौ वर्षीय पुत्र शादाब और सात वर्षीय पुत्री सदफ, निकटवर्ती ग्राम मोहम्मदपुर भावका निवासी राकेश की नौ वर्षीय पुत्री प्राची को रविवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में भर्ती मोहम्मदपुर देवमल निवासी ओमप्रकाश के पांच वर्षीय पुत्र विनीत कुमार को भी रेफर कर दिया गया। उस समेत कई बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है। वर्तमान में जिला अस्पताल में डिप्थीरिया पीड़ित नौ बच्चे भर्ती हैं।
