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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदला मौसम बच्चों पर आफत ,कम पडें अस्पताल में बेड

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Published: Fri, 15 Nov 2013 09:36 PM (IST)Updated: Fri, 15 Nov 2013 09:37 PM (IST)

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जागरण संवाददाता,बस्ती: मौसम क्या बदला बच्चों पर आफत आ गई है। बच्चों में तेजी से बुखार और निमोनिया का रोग हो रहा है। हर रोज अकेले जिला अस्पताल में 30 से 35 बच्चे इससे पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।

जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड एक और दो में कुल 34 बेड हैं जबकि यहां 54 मरीज भर्ती हैं। कई बैड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।

बच्चों के वार्ड में तीमारदारों की भीड़ है। इसका असर चिकित्सकीय व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में पड़ रहा है। वार्ड में गंदगी और अव्यवस्था देखने को मिली। नर्स और वार्ड ब्वाय आने वाले मरीजों की देखभाल में लगे रहे। बच्चों के चिकित्सक डा.एसके गौड़ लगातार बच्चों का चेकअप कर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने में लगे दिखाई पड़े।

वार्ड के बाहर भी तीमारदारों की भीड़ देखने को मिली। बाहर जहां-तहां गंदगी तो थी ही शौचालय का बुरा हाल है।

बाहर से खरीदनी पड़ रही दवायें: चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्चों के इलाज में दवाओं का टोटा है। तीमारदारों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही है। अस्पताल में एंटीबायटिक दवाओं की कमी बताई गई। निमोनिया में लगने वाले अधिकांश दवाएं एवं सुई बाहर से क्रय कराई जा रही है।

अब इनकी सुनिए:चिल्ड्रेन वार्ड में आधा दर्जन बच्चों के परिजनों से बात की गई। सबने इलाज की व्यवस्था पर तो संतोष जताया लेकिन दवाओं की अनुपलब्धता पर नाराजगी जताई। बसहा,गौर निवासी अजय कुमार द्विवेदी का बेटा भर्ती है वह बुखार से पीड़ित है। द्विवेदी ने चिकित्सक और नर्सो की सराहना की लेकिन दवा की कमी बताई।

विशेषरगंज की रहने वाली वंदना पांडेय अपने बेटे को दो दिन से लेकर भर्ती है। जिस बेड पर उनका बेटा है उसी पर एक अन्य मरीज भर्ती है।

डाक्टर की सलाह

बाल रोग विशेषज्ञ डा.एसके गौड़ का कहना है कि इस समय अधिकांश बच्चे निमोनिया से पीड़ित आ रहे हैं। इस समय बच्चों की ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। सुबह और शाम गर्म कपड़े पहनाएं। सुबह में बच्चों को ठंडे पानी से मत नहाने दें। फ्रीज का पानी और आइसक्रीम मत खिलाएं।

तेज बुखार,पसली चले,बच्चा दूध न पीये तथा रोये तो तुरंत चिकित्सक के पास दिखाना चाहिए।

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चिल्ड्रेन वार्ड में बेड के कमी की जानकारी है। इसके लिए एक वार्ड और बनाया जा रहा है, रही बात एंटीबायटिक दवाओं की तो इसकी कोई कमी नहीं है। इसको देखता हूं। दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

डा.पीके सिंह,प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल

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