यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विद्यार्थियों ने खोली शिक्षकों की पोल

जागरण संवाददाता, बरेली : एनजीओ के माध्यम चल रहे फतेहगंज पश्चिमी के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अध्यापकों की मनमानी की पोल खुल गई। रजिस्टर में कई शिक्षिकाओं को हाजिर दिखाया गया मगर हकीकत में वे पिछले कई दिनों से स्कूल पहुंची ही नहीं।
स्कूल पहुंचे जिला समन्वयक (बाल शिक्षा) चंद्र भान सिंह ने बच्चों से टीचरों के बारे में पूछा तो बताया गया कि पूर्णकालिक शिक्षक नीलम जोशी पिछले चार दिनों से स्कूल ही नहीं आ रहीं, हालांकि रजिस्टर पर उनकी हाजिरी रोज लगी थी। वहीं प्रतिदिन विद्यालय जल्दी बंद करने की शिकायत भी छात्राओं ने की। जिला समन्वयक चंद्रभान सिंह ने बताया कि एनजीओ द्वारा लगातार अनियमितताएं बरतने की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। जांच के दौरान तीन बजे विद्यालय से अंशकालिक शिक्षिकाएं सीमा सिंह, शकुंतला देवी, साधना गंगवार, महेंद्र चंद्र जैन और एकाउंटेंट रुचि व पूर्णकालिक शिक्षक मीनाक्षी मौजूद नहीं थी। जबकि विद्यालय बंद होने का समय साढ़े तीन बजे है। हैरानी की बात थी कि रजिस्टर पर सभी के हस्ताक्षर साढ़े तीन बजे थे। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के लिए मामले की पूरी रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बरेली : सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 24 सितंबर से रेडियो कक्षाएं शुरू होनी हैं लेकिन कई ब्लॉक के विद्यालयों ने रेडियो नहीं खरीदे हैं। इसको लेकर भुता, नवाबगंज, भदपुरा, मीरगंज व शेरगढ़ ब्लॉक के विद्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिला समन्वयक (बाल शिक्षा) चंद्र भान सिंह ने बताया कि जिन विद्यालयों में 24 सितंबर से पहले रेडियो उपलब्ध नहीं हुए तो वहां के प्रधानाचार्यो के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर
