यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तलाक-ए-तफवीजः शबनम ने शौहर से कहा-तलाक-तलाक-तलाक
मुस्लिम महिलाओं के हक में तलाक को लेकर फैसला आने वाला था तो इसी दौरान महिला ने पति को तलाक-तलाक-तलाक कहकर रिश्ता खत्म कर दिया।

बरेली (जेएनएन)। सुप्रीम कोर्ट का मुस्लिम महिलाओं के हक में तलाक को लेकर ऐतिहासिक फैसला आने वाला था तो इसी दौरान मंगलवार को महिला ने पति को तलाक-तलाक-तलाक कहकर रिश्ता खत्म कर दिया। बरेली में पत्नी द्वारा तलाक देने का यह दूसरा मामला है। उसे यह हक शरीयत ने दिया। पर इसकी जानकारी कम लोगों को है। इस बात को पहली बार दैनिक जागरण ने फतवे की शक्ल में उजागर किया था।
तलाक देने का मामला शहर से सटे कस्बे ठिरिया निजावत खां से जुड़ा है। 29 साल की शबनम का निकाह कस्बे में ही निसार अली खां (35) से नौ साल पहले 21 जून को हुआ था। शबनम का कहना है कि 70 हजार 786 महर के साथ यह भी तय पाया गया कि शौहर उसे मान-सम्मान और मुहब्बत के साथ खुशहाल रखेगा। हर जायज जरूरत को पूरा करेगा। मारपीट नहीं करेगा। इसके बावजूद एक लाख की मांग पूरी नहीं करने पर जान से मारने का प्रयास किया। पीटकर घर से निकाल दिया। जिला अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
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तलाक-ए-तफवीज हक का इस्तेमाल
मामले में पुलिस ने आइजी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया जिसकी सुनवाई कोर्ट में चल रही है लेकिन निसार अली खां हाजिर नहीं हो रहा, न ही भरण-पोषण के लिए कुछ दे रहा है। उसने महर और स्त्रीधन देने से भी इन्कार कर दिया। साफ तौर पर कह दिया कि न तलाक देगा और न ही अपने साथ रखेगा। अधर में रखकर जिंदगी बर्बाद कर देगा। इन्हीं तमाम हालात को सामने रखकर शौहर से तलाक-ए-तफवीज ली। शबनम ने बताया कि उसे घर से निकालने के बाद शौहर ने राबिया नाम की लड़की से दूसरी शादी की और फिर उसे भी तलाक दे दिया। लेकिन प्रताडि़त करने के लिए मुझे तलाक नहीं दे रहे थे। नोटरी अधिवक्ता के सामने दो गवाहों राशिद खां और जावेद अंसारी की मौजूदगी में शबनम ने निसार खां को तलाक-तलाक-तलाक कहकर निकाह को खारिज कर दिया।
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बीवी भी दे सकती तलाक
अधिवक्ताकाजी जुबेर अहमद खां ने कहा कि शरीयत मुस्लिम महिलाओं को भी शौहर से तलाक लेने का हक देती है, जिसे तलाक-ए-तफवीज कहते हैं। निकाह के वक्त ही लिखवाना होता है कि अगर शौहर बीवी को ठीक तरह नहीं रखता या उसका चाल-चलन ठीक नहीं है तो उसे (बीवी) भी तलाक कह सकती है। शबनम ने अपने शौहर क खिलाफ इसी अधिकार का इस्तेमाल किया है।
