यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'मैजिक पेन' की सहायता से लाखों की ठगी

जागरण संवाददाता, बरेली : 'मैजिक पेन' के बारे में अभी तक फिल्मों में ही सुना होगा लेकिन नटवरलाल ने इसके जरिए ठगी को अंजाम दे दिया। ठगों ने कर्मचारीनगर की एसबीआइ शाखा से ठगों ने व्यापारी के 1.68 लाख रुपये निकाल लिए। पीएनबी में भी उसी व्यापारी के खाते से सवा तीन लाख रुपये निकालने की कोशिश हुई, लेकिन बैंककर्मियों की सतर्कता से ठग कामयाब नहीं हुआ और फरार हो गया।
कर्मचारीनगर में रहने वाले अरविंद कुमार का टेंट का व्यवसाय है। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से उनके मोबाइल पर इंडसइंड बैंक की ओर से चालू खाता खुलवाने और ओडी (ओवर ड्राफ्ट) की सुविधा देने के लिए कॉल आ रही थी। इसके बाद गुरुवार को उनसे इस संबंध में मिलने के लिए खुद को इंडसइंड बैंक का कर्मचारी बताने वाला व्यक्ति आया और खाता खोलने के लिए जरूरी दस्तावेज ले गया। साथ में एक 140 रुपये और दूसरा 2000 रुपये का चेक ले गया। उसकी ओर से बताया गया कि 140 रुपये बैंक चार्ज लिया जा रहा है जबकि 2000 रुपये खाते में जमा हो जाएंगे।
व्यापारी ने बताया कि दोनों चेक काटते समय पेन नहीं मिला तो खुद को बैंक कर्मी बताने वाले व्यक्ति के पेन से ही चेक काट दिया था। इसके बाद उन्हीं दोनों चेकों को एसबीआइ और पीएनबी में जमा करवाया गया, जहां कर्मचारी नगर की एसबीआइ से एक लाख 68 हजार 500 रुपये निकाल लिए गए जबकि पंजाब नेशनल बैंक की प्रेमनगर शाखा में मामला पकड़ में आ गया।
क्या हुआ एसबीआइ में
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआइ) की कर्मचारी नगर शाखा में दोपहर अरविंद कुमार की ओर से जारी किया गया 2000 रुपये का चेक लेकर एक व्यक्ति पहुंचा। चेक मनोज व्यास के पास जमा किया गया। शाखा प्रबंधक साक्षी बंसल ने बताया कि अल्ट्रावायलेट कलर में मनोज व्यास ने चेक की माइक्रो लैटिंग (बैंक की ओर से लगाया गया सुरक्षा कवच) जांचा तो सब ठीक पाया गया। इसके बाद बैंक की ओर से 168500 रुपये का भुगतान कर दिया गया। मामले की जानकारी जब व्यापारी को हुई तो उसकी ओर से बताया गया कि दो हजार का उक्त चेक काटा गया था। इसके बाद जब चेक की जांच की गई तो व्यापारी के हस्ताक्षर और धनराशि लिखने में इस्तेमाल की गई पेन अलग-अलग है।
क्या हुआ पीएनबी में
व्यापारी की ओर से जारी किए गए 140 रुपये के चेक में बदलाव करके धनराशि 3.25 लाख रुपये कर दी गई थी। इस चेक को पंजाब नेशनल बैंक की प्रेमनगर शाखा में भुनाने के लिए लगाया गया। शाखा प्रबंधक पवन गुप्ता ने बताया कि चेक सीटीओ ज्योति चंद्रा के पास लाया गया तो उन्हें शक हुआ और अल्ट्रावायलेट मशीन में जांचने पर धनराशि मिटाने की बात सामने आ गई। इस पर उन्होंने शाखा प्रबंधक को पूरे मामले की जानकारी दी। शाखा प्रबंधक ने जब तक जांच शुरू की तब तक चेक जमा करने वाला आरोपी मौका पाकर फरार हो गया।
क्या है मैजिक पेन
मैजिक पेन एक विशेष प्रकार की स्याही की पेन होती है। सामान्य लिखावट वाली स्याही की ही तरह इसकी भी लिखावट होती है। इस पेन की लिखी हुई चीज को ताप, स्प्रिट, तेज धूप या पेन के साथ मिलने वाले इरेजर की सहायता से मिटाया जा सकता है। सामान्य सी दिखने वाली इस पेन की स्याही अधिक समय तक नहीं टिकती है।
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इंड्सइंड बैंक के शाखा प्रबंधक अभिजीत सक्सेना ने बताया कि बैंक का नाम लेकर अंकुर सिंह नाम के जिस ठग ने वारदात को अंजाम दिया है उससे बैंक का कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने बताया कि इस नाम का कोई व्यक्ति बैंक में किसी भी विभाग में कार्य नहीं करता। शाखा प्रबंधक ने कहा कि पिछले एक वर्ष से इस नाम के किसी व्यक्ति की नियुक्ति भी नहीं की गई है।
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