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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो और डेंगू संदिग्ध की मौत

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Published: Thu, 17 Oct 2013 01:02 AM (IST)Updated: Thu, 17 Oct 2013 01:03 AM (IST)

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जागरण संवाददाता, बरेली : जिले में डेंगू संदिग्ध की मौतों का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को भी दो डेंगू संदिग्ध की मौत हुई। शहर में महिला और ग्रामीण क्षेत्र में किशोर की की जान गई। दोनों मरीजों ने इलाज दौरान बुधवार सुबह दम तोड़ा।

आइएमसी के शहर अध्यक्ष अफजाल बेग की बहन जाहिदा बेगम की तबियत सोमवार को खराब हुई। उनके साथी मुनीर इदरीस ने बताया उन्हें तत्काल चौपुला स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उनकी तबियत में सुधार नहीं हुआ। प्लेटलेट्स लगातार गिरते गए। इलाज दौरान ही उनकी बुधवार सुबह मौत हो गई। देर शाम उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया। इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री तौकीर रजा खां, जिलाध्यक्ष नदीम खां, डॉ. नफीस आदि मौजूद रहे।

जिले में दूसरी मौत बहेड़ी निवासी मोहम्मद तारिक के पुत्र मोहम्मद वसीम की हुई। परिजनों ने बताया कि वसीम को पिछले एक माह से बुखार था। क्षेत्र के ही एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बुधवार को अस्पताल के डॉक्टर ने हायर सेंटर के लिए रेफर किया। परिजन उसे दूसरे अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके साथ ही मौतों की संख्या 15 हो गई है।

अब तक 13..

वकुल अग्रवाल, रानी, सुदामा देवी, बाबूलाल, अनिता रस्तोगी, वीरेन्द्र जौहरी, बिहारीलाल, राजू भाई, माया कश्यप, आसिफ, उस्मान अलवी, नरगिस, अनुराग कटियार। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से सिर्फ अनिता रस्तोगी की मौत डेंगू से होना नहीं होना घोषित किया। अधिकारियों ने बताया था कि अनीता का जांच को लखनऊ गया सैंपल डेंगू निगेटिव आया है।

डेंगू से बचाव

-डेंगू का मच्छर घर में ही रहता है। यह साफ पानी में पैदा होता है और दिन में ही काटता है। घर की साफ सफाई के साथ ही कीटनाशक का भी छिड़काव करें।

-दिन में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

-घर में रखे कूलर, बाल्टी, फ्लावर पॉट, फ्रिजड्रिप पैन, घड़े में एकत्रित पानी, मनी प्लांट के पानी को बदलते रहें।

-घर के आस पास के गढ्डों को मिट्टी से पाट दें या फिर उनमें भरे पानी में कुछ बूंद मिट्टी के तेल की डालें।

-डेंगू बुखार का कोई टीका नहीं है। लक्षण उभरने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।

-घरों के छज्जे/पोर्च में टूटे बर्तनों, बेकार टायर-ट्यूब, प्लास्टिक के टूटे बर्तन आदि को एकत्रित नहीं होने दें।

-डेंगू बुखार के रोगियों के सामने आने पर अपने जिला या नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित करें।

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