यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सब्जियों को भी सताने लगी गर्मी

जागरण संवाददाता, बरेली। पिछले दो दिन से चालीस डिग्री से ऊपर तापमान। ऐसे में तेज गर्मी की मार से लोग तो बेहाल हैं ही, अब मौसमी हरी सब्जियों पर भी विपरीत असर पड़ने लगा है। गर्म हवा झुलसा रही है। तापमान ज्यादा होने से उत्पादन पर फर्क पड़ रहा है। अगर लगातार पारा चढ़ता रहा तो बाजार में हरी सब्जियों की किल्लत हो सकती है। नतीजा दाम बढ़ने के रूप में सामने आएगा।
यह मौसम जायद की फसलों का है। अरहर, मसूर आदि दलहन की फसल खेतों से उठ चुकी है। इस समय खेतों में गन्ने के साथ कद्दू वर्गीय सब्जियां हैं। इसमें लौकी, तोरई, कद्दू, ककड़ी, खीरा, करेला, खरबूज, तरबूज आदि शामिल हैं। खेती-किसानी के जानकार बताते हैं कि जायद की फसल में शामिल इन सब्जियों के लिए आमतौर पर 30 से 35 डिग्री सेल्सियस का तापमान अनुकूल होता है। इस तापमान पर इन सब्जियों का अच्छा उत्पादन होता है। इससे ज्यादा तापमान होने की स्थिति में सब्जियों के उत्पादन में कमी होने लगती है।
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गन्ने की वृद्धि पर भी असर
खेती के जानकार बताते हैं कि अगर ज्यादा तापमान के हालात लगातार बने रहे तो गन्ने की वृद्धि पर भी विपरीत असर पड़ेगा। लंबाई कम रहने से किसानों को नुकसान होगा।
क्या करें किसान
-तेज और गर्म हवा से बचाव के लिए फसलों के चारों ओर लू अवरोधक बाड़ लगाएं
-पछुंआ पवन चलने पर हर दूसरे दिन करें फसलों की सिंचाई
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वैसे तो जायद की फसलों में गर्मी और शुष्क हवा को झेलने की पूरी क्षमता होती है। मगर 40 डिग्री से ऊपर तापमान होने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 35 डिग्री तापमान तक सब्जियों के बेहतर उत्पादन की गुंजाइश रहती है।
-अश्वनी सिंह, जिला कृषि अधिकारी
