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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एक और डेंगू संदिग्ध की मौत

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Published: Tue, 29 Oct 2013 11:46 PM (IST)

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जागरण संवाददाता, बरेली: शहर में मंगलवार को एक और डेंगू संदिग्ध की मौत हुई। इससे डेंगू संदिग्धों की मौत का आंकड़ा 19 पहुंच चुका है, लेकिन सिर्फ एक मामले को छोड़कर स्वास्थ्य विभाग ने किसी मामले की पुष्टि नहीं की है। शहर में सबसे ज्यादा डेंगू का असर बिहारीपुर क्षेत्र में है।

मंगलवार को भी बिहारीपुर करोलान निवासी कुंवर रजी की मौत हुई। वारसी सेवा दरबार वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष पम्मी वारसी ने बताया कि कुंवर रजी की तबीयत पिछले दिनों से खराब हुई। प्रारंभिक जांच में डाक्टर ने डेंगू संदिग्ध बताया। इलाज दौरान ही उनकी मंगलवार को मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा कि शहर में सबसे ज्यादा डेंगू संदिग्ध मरीज बिहारीपुर क्षेत्र में है। इसके बावजूद निगम के अधिकारी दवा का छिड़काव या फिर सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे डेंगू अब शहर में संक्रामक रोग का रूप ले चुका है।

इससे पहले हुई 18 डेंगू संदिग्ध की मौत

वकुल अग्रवाल, रानी, सुदामा देवी, बाबूलाल, अनिता रस्तोगी, वीरेन्द्र जौहरी, बिहारीलाल, राजू भाई, माया कश्यप, आसिफ, उस्मान अलवी, नरगिस, अनुराग कटियार, जाहिदा बेगम, मोहम्मद वसीम, पूनम, पंकज जौहरी। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से सिर्फ अनिता रस्तोगी की मौत डेंगू से होना नहीं होना घोषित किया। अधिकारियों ने बताया था कि अनीता का जांच को लखनऊ गया सैंपल डेंगू निगेटिव आया है।

डेंगू से बचाव----

-डेंगू का मच्छर घर में ही रहता है। यह साफ पानी में पैदा होता है और दिन में ही काटता है। इसलिए घर की साफ सफाई के साथ ही कीटनाशक का भी छिड़काव करें।

-दिन में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

-घर में रखे कूलर, बाल्टी, फ्लावर पॉट, फ्रिजड्रिप पैन, घड़े में एकत्रित पानी, मनी प्लांट के पानी को बदलते रहे।

-घर के आस पास के गढ्डों को मिट्टी से पाट दे या फिर उनमें भरे पानी में कुछ बूंद मिट्टी के तेल की डाले।

-डेंगू बुखार का कोई टीका नहीं है। इसलिए उपरोक्त लक्षण उभरने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।

-घरों के छज्जे/पोर्च में टूटे बर्तनों, बेकार टायर-ट्यूब, प्लास्टिक के टूटे बर्तन आदि को एकत्रित नहीं होने दें।

-डेंगू बुखार के रोगियों के सामने आने पर अपने जिला या नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित करें, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक का छिड़काव कराया जा सके।

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