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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एक और डेंगू संदिग्ध की मौत

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Published: Thu, 24 Oct 2013 11:24 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 24 Oct 2013 11:25 PM (GMT+05:30)

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जागरण संवाददाता, बरेली: शहर के एक और डेंगू संदिग्ध की मौत इलाज दौरान दिल्ली में हुई। इससे शहर में डेंगू संदिग्ध की मौत का आंकड़ा 17 पहुंच चुका है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की है। शहर में डेंगू की पुष्टि लखनऊ स्तर से की जा चुकी है, निजी अस्पतालों में भी लगातार मरीज सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के स्तर से रोकथाम के पुख्ता प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

शहर में बृहस्पतिवार को सुभाष नगर के ईश्वरी भवन निवासी पंकज जौहरी की मौत हुई। उनकी तबियत पिछले सप्ताह खराब हुई। परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां हुई प्राथमिक जांचों में उन्हें डेंगू की पुष्टि हुई। रविवार शाम निजी अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। इस पर परिजनों ने उन्हें दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां इलाज दौरान बृहस्पतिवार को उनकी मृत्यु हो गई। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी डेंगू के नए मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। भाजपा के भी दो पदाधिकारी और एक सदस्य डेंगू से पीड़ित है। इसमें महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष इंदु सेठी, श्री वनखंडीनाथ मंदिर प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रेम शंकर राठौर और संजीव वाल्मीकि है। इनका शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इससे पहले हुई 16 डेंगू संदिग्ध की मौत

वकुल अग्रवाल, रानी, सुदामा देवी, बाबूलाल, अनिता रस्तोगी, वीरेन्द्र जौहरी, बिहारीलाल, राजू भाई, माया कश्यप, आसिफ, उस्मान अलवी, नरगिस, अनुराग कटियार, जाहिदा बेगम, मोहम्मद वसीम, पूनम। स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से सिर्फ अनिता रस्तोगी की मौत डेंगू से होना नहीं होना घोषित किया। अधिकारियों ने बताया था कि अनीता का जांच को लखनऊ गया सैंपल डेंगू निगेटिव आया है।

डेंगू से बचाव----

-डेंगू का मच्छर घर में ही रहता है। यह साफ पानी में पैदा होता है और दिन में ही काटता है। इसलिए घर की साफ सफाई के साथ ही कीटनाशक का भी छिड़काव करें।

-दिन में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

-घर में रखे कूलर, बाल्टी, फ्लावर पॉट, फ्रिजड्रिप पैन, घड़े में एकत्रित पानी, मनी प्लांट के पानी को बदलते रहे।

-घर के आस पास के गढ्डों को मिट्टी से पाट दे या फिर उनमें भरे पानी में कुछ बूंद मिट्टी के तेल की डाले।

-डेंगू बुखार का कोई टीका नहीं है। इसलिए उपरोक्त लक्षण उभरने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।

-घरों के छज्जे/पोर्च में टूटे बर्तनों, बेकार टायर-ट्यूब, प्लास्टिक के टूटे बर्तन आदि को एकत्रित नहीं होने दें।

-डेंगू बुखार के रोगियों के सामने आने पर अपने जिला या नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित करें, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक का छिड़काव कराया जा सके।

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