यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गर्मी की छुट्टी में ट्रेन से सफर करना हो तो भूल जाइए
बाराबंकी : कानून गोयान निवासी व्यापारी सुशील गुप्ता अपने परिवार के साथ मई माह में मुबंई में गर्मी की

बाराबंकी : कानून गोयान निवासी व्यापारी सुशील गुप्ता अपने परिवार के साथ मई माह में मुबंई में गर्मी की छुट्टी मनाना चाहते थे। लेकिन उनका कनफर्म आरक्षण नहीं हो पाया। जो भी आरक्षण है वह 25 जून के बाद मिल रहा है। यहीं नहीं शिक्षक संतोष वर्मा ने इस गर्मी में दिल्ली जाने का प्लान बनाया था। मगर तीन जुलाई से पहले कनफर्म आरक्षण नहीं हो रहा है। इसलिए उन्होंने दिल्ली जाने का विचार छोड़ दिया है।
इस बार गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों में आरक्षण जून माह के आखिरी तक पूरी तरह फुल है। खासतौर पर हिल स्टेशन जाने वाली ट्रेनों में कनफर्म आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। मुबंई व दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में भी आरक्षण फुल है। मुबंई जाने वाली 19038 अवध एक्सप्रेस में 25 जून से पहले थर्ड एसी तक का कनफर्म आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। 11016 कुशीनगर एक्सप्रेस में 27 जून तक आरक्षण कनफर्म नहीं है। यहीं हाल दिल्ली जाने वाली ट्रेन 13487 फरक्का एक्सप्रेस में तो 13 जुलाई से पहले आरक्षण फुल है। 2555 गोरखधाम एक्सप्रेस में तीन जुलाई तक आरक्षण नहीं हो हो रहा है। इसके अलावा 14205 फैजाबाद दिल्ली एक्सप्रेस में भी मई माह के मध्य तक कनफर्म आरक्षण नहीं मिल रहा है। गुजरात जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस में जून के आखिरी तक आरक्षण फुल है। देहरादून जाने वाली दून एक्सप्रेस में भी तीन जुलाई तक आरक्षण फुल है। जम्मू जाने वाली सियालदहा एक्सप्रेस में 19 जुलाई तक कनफर्म आरक्षण नही है। बेगमपुर एक्सप्रेस का भी यही हाल है। 27 जुलाई तक आरक्षण फुल है। वैशाली एक्सप्रेस में भी सीटें फुल है।
यात्री निराश : लक्ष्मणपुरी कॉलोनी निवासी मनोज जायसवाल कहते है कि उन्हें भी दिल्ली मई माह में जाना था। मगर कन्फर्म आरक्षण नहीं मिल पाया है इसलिए दिल्ली जाने का विचार त्याग दिया है। सत्यप्रेमीनगर निवासी कपिल जायसवाल का कहते है कि बड़ी मुश्किल से बच्चों के साथ देहरादून जाने का प्लान बनाया था। मगर कनफर्म आरक्षण न होने के चलते निराशा हाथ लगी है।
तत्काल में मचती है मारामारी : तत्काल आरक्षण में मारामारी मचती है। ऊपर से आरक्षण केंद्र पर सुबह से ही लंबी लाइन लग जाती है। तत्काल आरक्षण कराना जिले में टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
