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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कड़ाके की सर्दी,राहत कार्य ठप, अधेड़ की मौत

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Published: Wed, 23 Jan 2013 11:53 PM (IST)Updated: Wed, 23 Jan 2013 11:56 PM (IST)

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बाराबंकी : ठंड का सितम जारी है। कोठी क्षेत्र में ठंड के चलते एक अधेड़ की मौत हो गई। दूसरी ओर दिन भर गलन पड़ने से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। आज का अधिकतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वही न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रेकार्ड किया गया। 97 फीसदी आ‌र्द्रता दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी ठंड जारी रहेगी। बारिश भी होने की संभावना बनी रहेगी।

कोठी संवादसूत्र के अनुसार क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी पड़ने से आमजन बेहाल है। निर्बल वर्ग के लोग अलाव न जलाए जाने से ठिठुर रहे है। क्षेत्र के हिम्मतपुर निवासी राम मनोहर 47 अलुवामाऊ दावत खाने गया था। जब लौटकर आया तो उसके पेट में दर्द शुरू हो गया। उसके बड़े पुत्र ने बताया कि उपचार के लिए ले जा रहे थे तभी मौत हो गई। इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है।

यातायात रहा प्रभावित : धुंध व कोहरे के चलते सड़क व रेल यातायात खासा प्रभावित रहा। धुंध के चलते सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। वहीं ट्रेनों के विलंबित रहने से रेलयात्री बेहाल रहे।

स्कूलों में ठिठुर रहे नौनिहाल : स्कूलों में नौनिहाल ठंड के चलते ठिठुरने को विवश है। अलाव के इंतजाम न होने से कड़ाके की सर्दी में नौनिहाल ग्रामीण अंचल में ठिठुर रहे है। गाल्हामऊ निवासी रिंकू पंडित का कहना है कि कड़ाके की सर्दी पड़ रही है विभागीय अधिकारियों को बच्चों के ठिठुरने से कोई मतलब नहीं है। स्कूलों के पास पुआल जलाने तक के इंतजाम नहीं है। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक दिक्कते फतेहपुर, हैदरगढ़, सिद्धौर, रामनगर, टिकैतनगर, पूरेडलई, दरियाबाद क्षेत्र में है।

बाजार में भी सन्नाटा : ठंड की वजह से शहर के मुख्य बाजार से लेकर कस्बों व गांवों की बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर में थोड़ी धूप निकलने के बाद जरुरत के मुताबिक लोग खरीददारी करने निकले।

राहत बचाव नाकाफी : जिले में ठंड से आम लोगों को बचाने के लिए राहत कार्य ठप है। रैनबसेरों व अलाव की लकड़ी की व्यवस्था न होने से आम लोग परेशान हैं। श्रमिकों व रिक्शाचालकों को शीतलहर से जीवन बचाना मुश्किल हो रहा है।

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