यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से मासूम समेत दो और की मौत

बांदा, जागरण संवाददाता : बुखार लोगों की जिंदगी छीन रहा है। एक बार फिर बुखार से पीड़ित मासूम बच्ची समेत दो लोग काल का निवाला बन गये। इसके आलावा अन्य बुखार पीड़ितों की अस्पतालों में लाइन लगी है।
मौसम की मार से संक्रामक बीमारियां पैर फैला रही हैं। बुखार तो जैसे लोगों की जान ही लेने पर तुला है। इसी के चलते एक बार फिर बुखार पीड़ित सात माह की बच्ची प्रीति पुत्री गनपत निवासी बड़ोखर बुजुर्ग गिरवां की रविवार रात मौत हो गई। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया है। इसी तरह नरैनी निवासी रामकिशोर (30) को दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे हालत बिगड़ने पर सोमवार शाम जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे। उसने भी रास्ते में दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके अलावा अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में भी बुखार पीड़ितों का तांता लगा है। रह रहकर लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। गंभीर मरीजों को जहां अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है वहीं मामूली पीड़ितों को परीक्षण के बाद दवा देकर घर जाने की छुटटी दी जा रही है। बताते चलें कि रविवार को बबेरू निवासी एक अन्य व्यक्ति ने भी बुखार से पीड़ित होने पर दम तोड़ दिया था। बुखार के साथ डायरिया भी लोगों की हालत पतली किए है।
बचाव के उपाय
- गंदा पानी पीने से बचें, उबले पानी का सेवन करें
- बासी खाना खाने से परहेज कर ताजा भोजन करें
- तेज धूप में निकलते समय सिर ढक कर निकलें
- पुराने कटे व सड़े फल खाने से परहेज करें
- साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें
