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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुखार ने मासूम समेत दो को लीला

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Published: Wed, 30 Jul 2014 01:00 AM (IST)

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बांदा, जागरण संवाददाता : मौसम के साथ बुखार व डायरिया का प्रकोप सिर चढ़कर बोल रहा है। इस बार बुखार ने एक साथ मासूम समेत दो लोगों को मौत की नींद सुला दिया। दोनों मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा है। गंभीर रूप से पीड़ित एक दर्जन लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पूरे जुलाई माह में बुखार व डायरिया से अस्पताल फुल नजर आ रहे हैं। आलम यह है कि सुबह से अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लहुरेटा निवासी महक (8) पुत्री आबिद को रविवार से बुखार आ रहा था। उसके नाना रज्जाक ने बताया कि नरैनी अस्पताल में उसका उपचार कराया था। मंगलवार को उसकी हालत बिगड़ने से दोपहर में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। बुखार से दूसरी मौत गिरवां थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरी निवासी दुखिया (55) पत्‍‌नी दशरथ की हुई। परिजनों ने बताया कि उनको भी रविवार से बुखार आ रहा था। क्षेत्रीय चिकित्सकों के यहां इलाज कराया गया। उपचार में आराम न मिलने पर सुबह जिला अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। दोपहर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई है। उनकी मौत की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली कोहराम की स्थिति बन गई है। इसके आलावा बुखार व डायरिया से गंभीर रूप से पीड़ित मान सिंह 35 निवासी ग्राम जमालपुर, आरती 13 ग्राम लामा, पूजा 8 बहेरी, उमापति 24 जमालपुर, रामप्रकाश 40 मोहल्ला जरैली कोठी, लक्ष्मी 45 ग्राम नेवादा, गुक्कू 70 मनीपुर , पुनीता 35 मोहल्ला स्वराज कालोनी , रामऔतार 60 ग्राम मुरवल बबेरू आदि को भर्ती कराया गया है। इसी तरह अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में भी गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। मामूली रूप से पीड़ित दर्जनों लोगों को उपचार के बाद दवा देकर घर भेजा जा रहा है।

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मौसमी बीमारी से बचाव के उपाए :

- बासी खाना खाने से परहेज करें , ताजे भोजन का सेवन करें

- स्वच्छ व उबले पानी पीएं।

- पुराने कटे व सड़े गले फलों का सेवन न करें।

- बारिश होने पर कूलर व एसी न चलाएं।

- बाहर की अधिक तैलीय खाद्य पदार्थो का सेवन न करें।

- बीमार पड़ने पर नजदीकी चिकित्सक से जांच कराकर शीघ्र उपचार कराएं।

- घर के आसपास पानी व गंदगी जमा न होने दें।

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पहले भी हो चुकीं मौतें

बांदा : बुखार व डायरिया का तेज प्रकोप जून माह से शुरू है। इसमें बबेरू, कमासिन, जसपुरा, नरैनी व अतर्रा आदि जगहों के अब तक कई लोग मौत का निवाला बन चुके हैं। कई लोग मौसमी बीमारियों से पीड़ित भी हैं।