यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मौसम ने बढ़ाई बीमारी,बुखार से बालक की मौत

बांदा, जागरण संवाददाता : उमस भरी गर्मी में संक्रामक बीमारियां लोगों को चपेट में ले रही हैं। बुखार का प्रकोप तो सिर चढ़कर बोल रहा है। बुखार पीड़ित एक बालक की मौत हो गई। दर्जनों गंभीर पीड़ितों को सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जुलाई माह बीमारियों से भरा जा रहा है। रह रहकर लोग डायरिया व बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। हल्की बूंदाबांदी के बाद उमस भरी गर्मी आग को हवा देने का काम कर रही है। इसी क्रम में शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कनवारा निवासी मोनू 9 पुत्र मलखान को पांच दिनों से बुखार ने जकड़ रखा था। शुक्रवार को उसकी यकायक हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया वहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। इसके अलावा अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में रोजाना बुखार व डायरिया पीड़ितों की लाइन लग रही है। गंभीर मरीजों को जहां अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है वहीं मामूली पीड़ितों को जांच व दवा के बाद घर भेजा रहा है। मौसम के बदलाव को लेकर चिकित्सक खान पान में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
झांड फूंक के चक्कर में नही हो पाया उपचार
बांदा : अंध विश्वास लोगों का अभी भी पीछा नही छोड़ रहा है। कनवारा निवासी जिस बालक की बुखार से मौत हुई है। उसके पिता का कहना है कि वह जिला अस्पताल लाने के पहले तक घरेलू उपचार व झाड़ फूंक कराते रहे हैं। किसी भी अस्पताल में उसका उपचार नही कराया गया था। इससे लोगों का यह भी मानना है कि समय से उसको सही उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी।
