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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डायरिया ने फिर छीनी एक जिंदगी

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Published: Tue, 13 May 2014 01:02 AM (IST)

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बांदा, जागरण संवाददाता : डायरिया लोगों की हालत पतली किये है। एक के बाद एक लोग मौत की नींद सो रहे हैं। एक बार फिर डायरिया पीड़ित महिला की मौत हो गई। गंभीर रूप से बीमार दर्जन भर से ज्यादा मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मई माह की गर्मी जहां लोगों को बेहाल किए है। वहीं डायरिया पीड़ितों की अस्पतालों में लाइन लगी है। गंभीर मरीजों को सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार रात डायरिया से पीड़ित कमला (65) पत्‍‌नी नवल कुमार निवासी बलखंडी नाका को परिजनों ने जिला अस्पताल में कराया। वहां उपचार शुरू होते ही उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गंभीर रूप से पीड़ित रामशरण सिंह (40) निवासी ग्राम अलिहा, निशा (42) झील का पुरवा, मुन्नीलाल (85) ग्राम जौरही, उमा (40) बलखंडी नाका, नफीसा (30) निवासी गायत्री नगर, निलाशूं (2) करतल, फूला (60) गौरिहार छतरपुर म.प्र., सुधा (22) मुहल्ला आजाद नगर आदि को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामूली रूप से पीड़ित दो दर्जन से ज्यादा लोगों को चिकित्सकों ने दवा देकर घर जाने की छुटटी दी है।

'गंभीर हालत में तीमारदारों के अस्पताल लाने पर उपचार करने का समय नही मिल पाता है। डायरिया से पीड़ित होने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें। समय रहते मरीज को अस्पताल लाकर उपचार करायें। इससे मरीज की हालत में जल्दी सुधार आयेगा। '

डा. विनीत सचान जिला अस्पताल बांदा

डायरिया के लक्षण

- बार-बार पतले दस्त आना

- पेट में ऐंठन व दर्द की शिकायत होना

- पैरों में मरोड़ होना

- कई बार हल्के बुखार की स्थित होना

- कुछ भी खाने या पीने पर दस्त की शिकायत होना

कैसे करें बचाव

- बाजार की अधिक तैलीय चीजों को न खायें

- धूप में निकलते समय सिर ढक कर निकलें

- गंदा व विशुद्ध पानी पीने की जगह साफ पानी का सेवन करें

- बासी खाना खाने की जगह ताजा भोजन करें

- काफी पुराने कटे व सड़े फल न खाएं

प्राथमिक उपचार

- डायरिया से पीड़ित होने पर निधार्रित तापमान में रहने के साथ खिचड़ी या हल्का भोजन करें। ज्यादा से ज्यादा पानी पियें, साथ में नमक चीनी का घोल लें, इससे पानी की कमी नही होगी। अधिक परेशानी समझ में आने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर नियमित उपचार लें।