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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तेजी से बढ़ रहा पीलिया का प्रकोप

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Published: Fri, 24 May 2013 12:16 AM (GMT+05:30)Updated: Fri, 24 May 2013 12:19 AM (GMT+05:30)

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बलिया : भीषण गर्मी में बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थो के सेवन व दूषित पेयजल की वजह से जनपद में पेट संबंधी बीमारियां लोगों में काफी तेजी से पनप रही हैं। खासकर संक्रमण की वजह से होने वाली बीमारी पीलिया का प्रकोप यहां तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल के आंकडे़ बताते हैं कि इसके मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है और यहां पीलिया से ग्रस्त दो से तीन दर्जन मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं।

सदर अस्पताल के फिजीशियन डा.पीके सिंह गहलौत बताते हैं कि यहां आने वाले अधिसंख्य मरीज ऐसे हैं जो बीमारी को लापरवाही की वजह से काफी खराब कर चुके होते हैं। ऐसे लोगों में अधिकांश की मौत भी हो जाती है। यह बीमारी दूषित पेयजल व ज्यादा तेल-मसाला वाली चीजों के खाने से होती है। बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थो के सेवन से ऐसे तमाम बीमारियों के पनपने की संभावना रहती है पर संक्रमण की वजह से होने वाली बीमारी में पीलिया के अवसर ज्यादा रहते हैं। यह बीमारी पूरी तरह से लीवर को संक्रमित कर देती है जिससे मरीज को खाने-पीने से लेकर अन्य कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। बीमारी की शुरुआत में मरीज को पेट में ऐंठन के साथ दर्द की समस्या होने लगती है। खाना खाते समय पेट में दर्द के साथ ही उल्टी भी आने लगती है। बाद में खाना खाने की बिल्कुल भी इच्छा नहीं होती है। इसमें प्रारंभिक दौर में ही अगर इलाज हो जाए तो काफी हद तक इसे कंट्रोल किया जा सकता है। लापरवाही की स्थिति में संक्रमण बढ़ते जाने से पीलिया के बिगड़े रूप हेपेटाइटिस की आशंका बढ़ जाती है। यह एक जानलेवा बीमारी है जिसमें अधिकतर मरीजों की मौत हो जाती है। ऐसे में अगर किसी को भी प्रारंभिक लक्षण पेट में दर्द, भूख न लगना, खाते वक्त उल्टी आने जैसी शिकायत होने लगे तो वह तत्काल चिकित्सकीय परामर्श ले। रोग की पुष्टि होने पर बाहर की चीजें व तेल-मसाला आदि का सेवन बिल्कुल बंद कर दें। खाने में उबाला हुआ भोजन व पानी पीएं। खासकर साग, मूली व अन्य हरी सब्जियों के साथ दही आदि का खूब सेवन करें। गन्ने का रस या फिर गन्ना इसमें काफी लाभप्रद होता है। रोग के बाद खानपान में असावधानी काफी खतरनाक साबित हो सकती है।

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