यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तेज बुखार से दो की मौत, दर्जनों भर्ती

बहराइच : संदिग्ध दिमागी बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। रविवार को जिला चिकित्सालय में तेज बुखार और झटके आने के कारण भर्ती हुए दो मरीजों में दम तोड़ दिया। तेज बुखार के कारण दर्जनों मरीजों की हालत गंभीर बनी है।
जिला चिकित्सालय में रविवार को नानपारा बाजार के तोपखाना मुहल्ला निवासी साजिद पुत्र अब्दुल वसीम तथा बलरामपुर जिले के ललिया थाना क्षेत्र के बनघुसरी गांव निवासी महंते(20)पुत्र भाऊ लाल ने तेज बुखार के चलते दम तोड़ दिया। इनको तेज बुखार, झटके आने और संक्रमण से गंभीर होने के कारण परिजनों ने जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। संदिग्ध दिमागी बुखार होने के कारण भर्ती दर्जनों मरीजों की हालत गंभीर बनी है। पयागपुर थाना क्षेत्र के खुटेहना निवासी पंकज(17)पुत्र राम नारायण, इसी थाना क्षेत्र के झाला गांव निवासी मुन्ना लाल(50)पुत्र छेदी, इकौना थाना क्षेत्र के मानगढ़ निवासी रामराज(20)पुत्र सिद्धनाथ, सोनवा थाना क्षेत्र के कल्याण चक निवासी अंजनी(9 माह)पुत्र विनोद कुमार, दरगाह थाना क्षेत्र के जौहरा गांव निवासी अनुपा देवी(4)पुत्री विजय बहादुर, सलारगंज मुहल्ला निवासी अंशी(6माह) पुत्री अरविंद कुमार, बौंडी थाना क्षेत्र के राजा रेहुआ निवासी अंबरीश(12) पुत्र हरी प्रसाद तथा रिसिया बाजार निवासी खुशनुमा(2)पुत्री फखरुद्दीन समेत दर्जनों लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.केके वर्मा ने बताया कि संदिग्ध दिमागी बुखार प्रकोप जून-जुलाई से शुरू होकर अक्टूबर नवंबर तक रहता है। तीमारदारों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज बुखार आने पर परिजन मरीज के माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखें और तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क करें। घर और आसपास जलभराव न होने दें। साफ सफाई रखें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। तभी इन रोगों से बचा जा सकता है।
